Home » बिज़नेस » Monetary Policy: RBI keeps repo rate unchanged, retains economic growth projection at 6.7% for FY'18
 

रिजर्व बैंक ने एक बार फिर दिया लोगों का झटका

कैच ब्यूरो | Updated on: 6 December 2017, 18:28 IST

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की मौद्रिक नीति समिति ने बुधवार को आम लोगों को कोई राहत नहीं दी. आरबीआई ने अपनी नीतिगत प्रमुख ब्याज दरों में इस बार भी कोई बदलाव नहीं किया है. इससे लोगों को मिलने वाले सस्ते कर्ज की उम्मीदों को तगड़ा झटका लगा है. आरबीाई ने बढ़ती महंगाई के कारण इनमें कोई बदलाव नहीं किया है.

आरबीआई ने साल की अपनी आखिरी मौद्रिक नीति की बैठक में ये फैसला लिया. आरबीआई ने रेपो रेट और रिवर्स रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया गया है. इस बैठक के बाद रेपो रेट छह फीसदी पर, रिवर्स रेपो रेट 5.75 फीसदी पर और सीआरआर को चार फीसदी पर रखने का फैसला लिया गया.

आरबीआई ने साल 2017-18 के लिए जीडीपी ग्रोथ के अनुमान को 6.75 फीसदी पर बरकरार रखा गया है. आरबीआई के गवर्नर उर्जित पटेल ने कहा कि हाल में जो आर्थिक सुधार किए गए हैं उसका फायदा आर्थिक विकास दर में दिखाई देगा.

केंद्रीय बैंक के मुताबिक, वित्तवर्ष 2017-18 की दूसरी छमाही के दौरान खुदरा महंगाई दर 4.2 से 4.6 फीसदी रहने का अनुमान है. आरबीआई की अगली एमपीसी बैठक 6 फरवरी और 7 फरवरी, 2018 को  होगी. लोगों को सस्ते कर्ज के लिए 2 महीने ओर इंतजार करना होगा.

गौरतलब है कि इससे पहले इस साल अगस्त के पहले सप्ताह में की गई समीक्षा के दौरान MPC ने रेपो रेट में 25 बेसिस अंक, यानी 0,25 फीसदी की कटौती की थी, और रेपो रेट उस समय छह फीसदी पर आया था. इसके बाद अक्टूबर में की गई समीक्षा के दौरान केंद्रीय बैंक ने बढ़ती महंगाई का हवाला देते हुए प्रमुख ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया.

First published: 6 December 2017, 18:28 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी