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सट्टेबाज IPL की लाइव फीड आखिर कैसे चुरा रहे थे, समझने में जांच एजेंसियों के छूटे पसीने

कैच ब्यूरो | Updated on: 23 June 2018, 17:24 IST

भारत में जांच एजेंसियां और टेक्नोलॉजी विशेषज्ञ इस बात का पता नहीं लगा पा रहे हैं कि आखिर क्रिकेट बुकीज ने कैसे आपीएल के दौरान लाइव फीड की हैंकिंग कर ली. माथा पीटने के बाद भी इस बात का कोई पता नहीं लगा पा रहा है. मई 2018 में इंदौर पुलिस ने एक सट्टेबाजी सिंडिकेट का पता लगाया था जो इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) मैचों की लाइव फीड हैक कर इसे वितरित कर रहे थे.

इस मामले में पुलिस का कहना है कि गिरोह आईपीएल मैचों के सीधे प्रसारण के आधिकारिक सिग्नल चुराकर एक वेबसाइट पर इनकी लाइव स्ट्रीमिंग कर रहे थे. एक लाइव फीड मूल प्रसारण से लगभग 8-10 सेकंड पहले होता है. या दूसरे शब्दों में जो आप अपने टेलीविजन पर देखते हैं वह 8-10 सेकंड है पहले देखा जा सकता है. स्टार इंडिया ने इस मामले में शिकायत दर्ज की थी. गौरतलब है की स्टार इंडिया ने 16,347.50 करोड़ रुपये में आईपीएल के प्रसारण अधिकार खरीदे थे.

द वायर की एक रिपोर्ट के अनुसार Bet365.com और Betfair.com जैसी लोकप्रिय स्पोर्ट्स सट्टेबाजी वेबसाइट्स क्रिकेट खेल के विभिन्न पहलुओं जैसे टॉस, कुल ओवर या कुल पारी पर सट्टा लगाती हैं. स्टार की क्रिकेट प्रसारण टीम में काम करने वाले एक वरिष्ठ इंजीनियर का कहना है कि ब्रॉडकास्टर सिग्नल को उपग्रह स्कैम्बल के रूप में अपलिंक करता है.

दूसरे छोर पर प्राप्त करने के लिए फ़ीड को अनस्कैम्बल करने के लिए 12 अंकों वाले BISS कोड की आवश्यकता होती है, जो स्वचालित रूप से हर 10-15 मिनट में बदलती रहती है. उनका मानना है कि ऐसा हो सकता है कि किसी ने इस कोड को तोड़ दिया और फ़ीड चुरा ली. गिरफ्तार सट्टेबाजों का कहना है कि वे दुबई में स्थित एक और बुकी से यह लाइव फीड प्राप्त कर रहे थे.

दिलचस्प बात यह है कि एक लाइव फीड की हैकिंग अपनी तरह का पहला मामला नहीं है. 2015 में आईपीएल के आठवें सीज़न के दौरान, ईडी की अहमदाबाद शाखा ने 2,000 करोड़ रुपये के सट्टेबाजी रैकेट पर कथित रूप से भंडाफोड़ किया था लेकिन पुलिस और तमाम साइबर एक्सपर्ट इस बात को समझ नहीं पा रहे हैं कि आखिर सट्टेबाज यह कारनामा कैसे कर रहे थे.

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First published: 23 June 2018, 17:19 IST
 
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