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क्यों 100 रूपये के इस नए नोट से देश के ढाई लाख ATM पड़ गए मुश्किल में ?

कैच ब्यूरो | Updated on: 21 July 2018, 11:39 IST

आरबीआई नए 100 रूपये के नोट जारी करने जा रही है लेकिन इस नोट से बड़ी समस्या खड़ी  होने की संभावना जताई जा रही है. एक रिपोर्ट की माने तो इस नए नोट के लिए  देशभर के करीब 240,000 एटीएम मशीनों को रिकेलिबरेट (recalibration) करने की आवश्यकता होगी. इस प्रक्रिया के लिए सरकार को तकरीबन एक अरब रुपये खर्च करने पड़ेंगे और इसमें एक साल से ज्यादा समय लगेगा.

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने गुरुवार को घोषणा की कि जल्द ही गवर्नर उर्जित पटेल के हस्ताक्षर वाले 100 रुपये के नोट जारी करेंगे. भारतीय रिजर्व बैंक की अधिसूचना के अनुसार नए बैंकनोट 66 मिमी x 142 मिमी के होंगे जो मौजूदा नोट से काफी छोटे हैं, मौजूदा नोट 73 मिमी x 157 मिमी के हैं. हिताची पेमेंट सर्विसेज के मैनेजिंग डायरेक्टर लोनी एंटनी का कहना है कि "हमें विश्वास है कि नए 100 रुपये के नोटों के लिए पुनर्मूल्यांकन के अभ्यास में 1 अरब रुपये से ज्यादा का खर्च लग सकता है और इसमें 12 महीने लग सकते हैं."

 

यह नवंबर 2016 में नोटबंदी के बाद केंद्रीय बैंक द्वारा जारी किया जाने वाला पांचवां नया नोट है और यह 200 रुपये और 2,000 रुपये के नोट के आकार से एकदम अलग है. एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने कहा कि नए नोटों का उत्पादन देवास में पहले ही शुरू हो चुका है और इसे अन्य टकसालों में भी शुरू किया जायेगा. पुराने और नए 100 रुपये के नोटों के आयामों में अंतर एक गंभीर समस्या पैदा कर सकता है.

प्रत्येक एटीएम में चार कैसेट हैं. 100 रुपये के नोट के विभिन्न साइज का अर्थ यह होगा कि दो कैसेट का इस्तेमाल एक ही कीमत वाले नोट के लिए किया जाएगा, जिसके बाद अन्य नोटों के लिए केवल दो कैसेट बच जायेंगे. टाटा कम्युनिकेशंस पेमेंट सॉल्यूशंस के मैनेजिंग डायरेक्टर संजीव पटेल ने कहा, इससे एटीएम की नकद वाहक क्षमता कम हो जाएगी. उन्होंने कहा कि इससे न केवल एटीएम ऑपरेटरों के लिए नकद ले जाने की लागत में वृद्धि होगी बल्कि नकदी की कमी भी हो सकती है.

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First published: 21 July 2018, 11:34 IST
 
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