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नीति आयोग की मोदी सरकार को सलाह, बेच दें एयर इंडिया को

कैच ब्यूरो | Updated on: 31 May 2017, 10:43 IST

नीति आयोग ने केंद्र सरकार को घाटे में चल रही एयर इंडिया को बेचने की सलाह दी है. नीति आयोग ने सरकार से कहा कि इसे बेचने से जो भी धनराशि मिले, उसे स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी जरूरी मदों में खर्च किया जा सकता है.

केंद्र सरकार ने खस्ता हाल हो रही सरकारी कंपनी एयर इंडिया को सुचारु रूप से चलाने के लिए नीति आयोग को एक रोड मैप तैयार करने को कहा था, जिसके बाद नीति आयोग ने बताया है कि सरकार घाटा देने वाली एयर इंडिया के रणनीतिक विनिवेश की तरफ आगे बढ़े.

नीति आयोग ने तैयार किया एयर इंडिया को बेचने का ग्राउंड वर्क-

नीति आयोग ने एयर इंडिया को बेचने को लेकर ग्राउंड वर्क तैयार कर लिया है. नीति आयोग की रिपोर्ट उस वक्त सामने आई है जब अरुण जेटली ने एयर इंडिया को प्राइवेट कंपनियों को सौंपने की तरफदारी की थी.

जेटली ने कहा था कि जब 86 प्रतिशत विमान परिचालन प्राइवेट कंपनियां कर सकती हैं तो 100 प्रतिशत भी इसे प्राइवेट हाथों में दिया जा सकता है.

हाल ही में पेश किये गए नीति आयोग की चौथी रिपोर्ट में एयर इंडिया के विनिवेश का रोडमैप तैयार किया गया है, जिसमें एयर इंडिया के 30 हजार करोड़ रुपये के लोन से बाहर निकले की बात कही गई है.

नीति आयोग के इस रिपोर्ट में विनिवेश के जरिए एयरक्राफ्ट से संबंधित लोन और वर्किंग कैपिटल लोन को नए मालिक को ट्रांसफर करने का प्रस्ताव है.

एयर इंडिया पर 60,000 करोड़ रुपये का कर्ज

एयर इंडिया के पास लगभग 60,000 करोड़ रुपये का कर्ज है, जिसमें करीब 21,000 करोड़ रुपये एयरक्राफ्ट से जुड़े लोन है और करीब 8,000 करोड़ रुपये वर्किंग कैपिटल के रूप में शामिल हैं. पिछले पांच सालों में सरकार ने इस एयरलाइंस को 25,000 करोड़ रुपये दिए हैं और 2032 तक इतनी ही रकम और दिए जाने की बात कही है. इन सबके बाबजूद भी एयर इंडिया को हर साल 3000 करोड़ रुपये का घाटा हो रहा है.

First published: 31 May 2017, 10:43 IST
 
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