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13 दिनों से क्यों नहीं बढ़े पेट्रोल और डीजल के दाम, समझिए सरकार का तेल पर खेल

कैच ब्यूरो | Updated on: 6 May 2018, 12:13 IST

कर्नाटक चुनावों से पहले पेट्रोल और डीजल की कीमतों में दैनिक संशोधन को बंद कर सरकार ने तेल कंपनियों पर मार्केटिंग मार्जिन को लेकर दबाव डाला है. सूत्रों की मानें तो पेट्रोल और डीजल पर औसत मार्केटिंग मार्जिन 1 अप्रैल को 3.5 रूपये प्रति लीटर से 1.9 रूपये प्रति लीटर हो गया है. इससे इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (आईओसीएल), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (बीपीसीएल) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम निगम (एचपीसीएल) में 45 प्रतिशत का नुकसान हुआ है.

दिलचस्प बात यह है कि इंटरनेशनल बाजार में कच्चे तेल की कीमत अप्रैल में 63.76 डॉलर प्रति बैरल से 8 फीसदी बढ़कर मई में 68.88 डॉलर प्रति बैरल हो गई. यह कीमत शुक्रवार को 71.4 डॉलर प्रति बैरल पर देखी गई.

 

कर्नाटक विधानसभा चुनाव 12 मई को होने वाले हैं, ऐसे में सरकार ने 23 अप्रैल को पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी को रोक दिया, जबकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में शनिवार को ब्रेंट क्रूड की कीमत 74.87 डॉलर प्रति बैरल थी. पिछले 13 दिनों से दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 74.63 रुपये प्रति लीटर और डीजल 65.93 रुपये प्रति लीटर है.

कच्चे तेल की कीमतों में हर 1 डॉलर की वृद्धि के से चालू खाता घाटे पर लगभग 1 अरब डॉलर का असर पड़ता है. केंद्र सरकार वर्तमान में पेट्रोल पर 19.48 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 15.33 रुपये प्रति लीटर का उत्पाद शुल्क लेती है.

अक्टूबर में सरकार ने उत्पाद शुल्क में 2 रुपये के कटौती की थी, जिसके बाद माना गया कि इससे सालाना आधार पर सरकार को 130 अरब रुपये से ज्यादा का राजस्व नुकसान हुआ. नवंबर 2014 और जनवरी 2016 के बीच 13 महीने की अवधि में केंद्र ने नौ बार उत्पाद शुल्क बढ़ाया. इंटरनेशनल बाजार में कच्चे तेल की कीमत बढ़ने पर केंद्र ने राज्यों से पेट्रोल और डीजल पर वैट को कम करने के लिए कहा है. हालांकि इसका पालन खुद बीजेपी शसित राज्यों ने ही नहीं किया.

गुजरात चुनावों के दौरान मार्केटिंग मार्जिन पर कंपनियां के 1.5 रुपये प्रति लीटर से ज्यादा की गिरावट आयी थी. केयर रेटिंग्स की एक रिपोर्ट की मानें तो सालाना 1,575 मिलियन बैरल कच्चे तेल के आयात पर कीमतों में 1 डॉलर की वृद्धि से भारत के वार्षिक आयात बिल में 100 अरब रुपये की वृद्धि होगी. जो सरकार के लिए चिंता का एक प्रमुख कारण है.

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First published: 6 May 2018, 12:13 IST
 
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