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बजट 2016-17: मनरेगा को रिकॉर्ड आवंटन, मध्यवर्ग को झटका

अभिषेक पराशर | Updated on: 29 February 2016, 17:24 IST
QUICK PILL
  • 2016-17 के बजट में ग्रामीण अर्थव्यवस्था समेत सामाजिक क्षेत्र की योजनाओं पर खासा जोर दिया है. वित्त मंत्री जेटली ने 2016-17 के लिए ग्रामीण सेक्टर को 87,761 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं. वहीं बजट में नौकरीपेशा लोगों को निराशा हाथ लगी है और इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है.
  • ग्रामीण क्षेत्र और सामाजिक सुरक्षा की योजनाओं को दी गई अहमियत की वजह से बजट पर बाजार ने खराब प्रतिक्रिया दी है. कारोबार के शुरुआती घंटों में बीएसई में करीब 350 अंकों की गिरावट आई है. एसऐंडपी बीएसई कैपिटल गुड्स इंडेक्स में 2.18 फीसदी तक की गिरावट देखने को मिल रही है.

2016-17 का केंद्रीय बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने वैश्विक अर्थव्यवस्था की गंभीर चुनौतियों का जिक्र करते हुए साफ किया कि भारतीय अर्थव्यवस्था की गति स्थिर बनी हुई है. 

यूपीए सरकार की आर्थिक नीतियों को कटघरे में खड़ा करते हुए जेटली ने कहा कि हमें विरासत में खराब अर्थव्यवस्था मिली थी. लेकिन अब हालात पहले के मुकाबले बेहतर है.

बजट 2016-17 में सामाजिक क्षेत्रों पर ज्यादा जोर दिया. कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किए जाने की जरूरत बताते हुए जेटली ने कहा कि मोदी सरकार की योजना पांच सालों में किसानों की आय दोगुनी करने का है. सरकार ने रिकॉर्ड स्तर पर मनरेगा के लिए 38,500 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं.

सरकार ने इससे पिछले वित्त वर्ष के बजट में मनरेगा के लिए 34,699 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान किया था. मनरेगा के लिए 2014-15 में आरंभिक बजटीय आवंटन 34,000 करोड़ रुपये था. संशोधित बजट में इसे घटाकर 31,000 करोड़ रुपये कर दिया गया था.

गांवों को विशेष अहमियत

जेटली ने 2016-17 के लिए ग्रामीण सेक्टर को 87,761 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं. बजट के एक दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों की रैली को संबोधित करते हुए फसल बीमा योजना और कृषि क्षेत्र के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया था. उनके भाषण के बाद 2016-17 के बजट में सामाजिक सुरक्षा योजनाओं पर जोर रहने का अनुमान लगाया गया था.

जेटली ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए सरकार ने 5,500 करोड़ रुपये दिया है. डेयरी क्षेत्र को विशेष अहमियत देते हुए सरकार ने 4 नए डेयरी प्रोग्राम को शुरू करने की घोषणा की है.

बाजार को रास नहीं आ रहा बजट

ग्रामीण क्षेत्र और सामाजिक सुरक्षा की योजनाओं को दी गई अहमियत की वजह से बजट को लेकर बाजार ने खराब प्रतिक्रिया दी है. कारोबार के शुरुआती घंटों में बीएसई में करीब 350 अंकों की गिरावट आई है.

एसऐंडपी बीएसई कैपिटल गुड्स इंडेक्टस में 2.18 फीसदी तक की गिरावट देखने को मिल रही है. इसके अलावा एसऐंडपी बैंकेक्स में करीब 273 अंकों की गिरावट आई है.

बजट 2016-17: जेटली का नारा, चलो गांव की ओर

एसऐंडपी बीसई इंफ्रा इंडेक्स में 1.34 फीसदी की गिरावट आई है. बजट को लेकर बैंकिंग इंडेक्स ने भी बुरी प्रतिक्रिया दी है. शुरुआती घंटों में एसऐंडपी बीएसई बैंकेक्स में 356 अंकों की गिरावट आई है.

जेटली ने कहा कि सरकार का पूरा ध्यान ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी संरचना को मजबूत करने पर होगा. उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता कमजोर वर्गों पर है. कृषि और किसान कल्याण के तहत किसानों को आय सुरक्षा देने के लिए 35,984 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है.

बजट 2016-17 में गांवों और किसानों को जबरदस्त जगह मिली है. पिछले दो चुनावों में हार के बाद विपक्ष एनडीए को किसान विरोधी सरकार बताने में सफल रहा था. ऐसे में सरकार ने कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्थ आधारित बजट पेश कर अपनी मंशा साफ कर दी है. 

  1. किसानों के विकास के लिए मिला 35,984 करोड़ रुपये का आवंटन.
  2. 2016-17 में कृषि कर्ज के लिए 9.5 लाख करोड़ रुपये का आवंटन.
  3. फसल बीमा के लिए मिले 5,500 करोड़ रुपये.
  4. सिंचाई योजना के लिए 17,000 करोड़ रुपये.
  5. दालों की पैदावार बढ़ाने के लिए मिले 500 करोड़ रुपये.
  6. बीपीएल परिवारों को रसोई गैस देने के लिए बनेगी नई योजना.
  7. सस्ती दवा मुहैया कराने के लिए 30,000 स्टोर खुलेंगे.
  8. स्वच्छ भारत के तहत कचारे से खाद बनाए जाने की घोषणा.

 कृषि विकास योजना और ऑर्गेनिक फार्मिंग समेत अन्य कृषि संबंधी योजनाओं के लिए सरकार ने 400 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है. नाबार्ड को सरकार ने 20,000 करोड़ रुपये का आवंटन किया है. 

जेटली ने कहा कि बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर की जयंती पर केंद्रीय कृषि बाजारों का ई-प्लेटफॉर्म देश को दिया जाएगा. इसके अलावा 5 लाख एकड़ के रकबे को जैविक खेती के दायरे में लाया जाएगा.

शिक्षा और स्वास्थ्य पर जोर

2016-17 में उच्च शिक्षा के लिए 1,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं. सर्व शिक्षा अभियान को मजबूत करने की दिशा में 62 नए नवोदय स्कूल खोल जाएंगे. जेटली ने कहा कि सरकार सार्वजनिक-निजी मॉडल की मदद से नेशनल हेल्थ स्कीम लागू करेगी.  

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First published: 29 February 2016, 17:24 IST
 
अभिषेक पराशर @abhishekiimc

चीफ़ सब-एडिटर, कैच हिंदी. पीटीआई, बिज़नेस स्टैंडर्ड और इकॉनॉमिक टाइम्स में काम कर चुके हैं.

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