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जेटली की सफाई, स्विस बैंक में सारा कालाधन नहीं, फैलाई जा रही भ्रामक जानकारी

कैच ब्यूरो | Updated on: 29 June 2018, 18:17 IST

स्विस बैंक में भारतीयों की जमा पूंजी में हुई बढ़ोतरी पर वित्त मंत्री अरुण जेटली ने एक फेसबुक पोस्ट लिखकर सफाई दी है. जेटली ने लिखा कि स्विस बैंक को लेकर आयी इस रिपोर्ट को लेकर यह गलत जानकारी दी जा रही है कि मोदी सरकार के कालेधन के खिलाफ चलाये जा रहे अभियान का यह परिणाम है.

जेटली ने अपने फेसबुक पोस्ट में लिखा है कि 1947 से 2014 तक आजादी के पहले साठ साल बाद कुल 3.82 करोड़ रिटर्न दाखिल करने वालों की संख्या बढ़ गई है. लगभग 1.3 अरब की कुल जनसंख्या की तुलना में यह आंकड़ा अत्यधिक अपर्याप्त प्रतीत होता है. 2013-14 में कुल प्रत्यक्ष कर संग्रह (आयकर) 6.38 लाख करोड़ रुपये था.

 

जेटली ने लिखा है की ''प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में एनडीए सरकार के पास टैक्स बेस बढ़ाने के लिए एक बहुपक्षीय रणनीति थी. देश के बाहर काले धन को दूर करने के लिए विभिन्न कदमों की साथ एक अभियान शुरू किया गया था''. जेटली ने लिखा है कि ''नोटबांडी के बाद जमा पैसे के स्रोत की पूछताछ की गई. लगभग 18 लाख लोगों की पहचान की गई जिन्होंने अपनी वापसी की रकम के मुकाबले ज्यादा जमा किये थे''.

जेटली ने लिखा है कि तकनीक के उपयोग ने टैक्स विभाग की काफी मदद की. आयकर विभाग की अधिकांश कार्यप्रणाली अब ऑनलाइन है, रिटर्न ऑनलाइन दायर की जाती है, प्रश्न ऑनलाइन संबोधित किए जाते हैं, मूल्यांकन आदेश ऑनलाइन संभाले जाते हैं और धनवापसी भी ऑनलाइन की जाती है.

 

जेटली ने आगे लिखा है कि वित्तीय खुलासे के लिए स्विट्ज़रलैंड हमेशा से अनिच्छुक रहा है लेकिन भारत के साथ नए समझौते के बाद भारतीयों के संबंध में जानकारी के वास्तविक समय में दी जाएगी. उन्होंने लिखा कि यह जानकारी जनवरी, 2019 में मिलनी शुरू हो जाएगी. किसी भी अवैध जमाकर्ता का पता चलने पर उसका नाम सार्वजनिक होने से कुछ महीने पहले ही उसे भारत में काले धन कानून के कठोर दंड प्रावधानों के अधीन किया जाएगा.

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First published: 29 June 2018, 18:17 IST
 
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