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INX ही नही चिदंबरम की ये चार FIPB मंजूरियां भी हैं CBI, ED के निशाने पर

कैच ब्यूरो | Updated on: 22 August 2019, 12:34 IST

पूर्व वित्त मंत्री पी चिदम्बरम पर जांच एजेंसियों का शिकंजा कसता जा रहा है. एक रिपोर्ट के अनुसार आईएनएक्स मीडिया समूह और एयरसेल-मैक्सिस के अलावा चार अन्य ऐसे मामलों में चिदंबरम एजेंसियों के निशाने पर हैं. इन मामलों में भी पूर्व वित्त के कार्यकाल में चार कंपनियों को दी गई विदेशी निवेश की मंजूरी जांच के घेरे में है. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा एकत्र किए गए सबूतों के अनुसार इन कंपनियों में डियाजियो स्कॉटलैंड, एस्सार स्टील, कटारा होल्डिंग्स और एल्फोर्ज लिमिटेड का नाम शामिल है.

रिपोर्ट के अनुसार जांच एजेंसी के एक अधिकारी ने कहा कि सीबीआई पी चिदंबरम द्वारा अवैध एफआईपीबी मंजूरी के मामलों की जांच कर रही है, जिनमे कार्ति चिदंबरम द्वारा अपने कर्मचारियों और अन्य व्यावसायिक सहयोगियों के नाम पर विभिन्न शेल कंपनियों को भुगतान किया गया. इन मामलों में ईडी विशेष रूप से मनी लॉन्ड्रिंग पहलुओं की जांच कर रहा है.


अधिकारियों ने कहा कि जांच के दौरान, जांच एजेंसी को भारत और विदेश में कई शेल फर्मों के बारे में पता चला है. जबकि लगभग दो दर्जन विदेशी बैंक खातों की पहचान की गई है. ईडी का कहना है कि शेल कंपनियों में से एक में 300 करोड़ रुपये से अधिक जमा किए गए थे. एजेंसियों ने कहा कि इन मामलों में सहायता के लिए कई देशों को जारी किए गए लेटर रोजेटरी (एलआर) के माध्यम से संपत्ति के बारे में जानकारी एकत्र की गई थी.

पिछले साल ईडी ने 2007 में 305 करोड़ रुपये के विदेशी फंड प्राप्त करने के लिए INX समूह को दी गई FIPB मंजूरी में अनियमितताओं के लिए सीबीआई ने धन शोधन रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत मामला दर्ज किया था. सीबीआई ने आरोप लगाया था कि आईएनएक्स मीडिया ने विदेशी निवेश मानदंडों को सशर्त मंजूरी दे दी है.

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First published: 22 August 2019, 12:11 IST
 
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