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Wipro की कमान अजीम प्रेमजी ने बेटे को सौंपी, जानिए कौन हैं रिशद प्रेमजी ?

कैच ब्यूरो | Updated on: 30 July 2019, 16:15 IST
(the hindu )

एक कुकिंग ऑयल कंपनी को 8.5 बिलियन डॉलर की बड़ी आईटी कंपनी में परिवर्तित करने के बाद अजीम प्रेमजी आज विप्रो के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक के रूप में सेवानिवृत्त हो गए हैं. अजीम प्रेमजी की पहचान एक परोपकारी कारोबारी के रूप में भी की जाती है. वो अबतक 50,000 करोड़ से ज्यादा दान कर चुके हैं. अजीम प्रेमजी ने अब कंपनी की बागडोर अपने बेटे रिशद प्रेमजी को सौंप दी है. विप्रो ने पिछले महीने घोषणा की थी कि बोर्ड ने 31 जुलाई से कंपनी के कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में रिशद प्रेमजी की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है.

सीईओ के अलावा अबिदाली जेड नीमचवाला कल से विप्रो के प्रबंध निदेशक भी बन जाएंगे. आईटी प्रमुख के संस्थापक अध्यक्ष के रूप में अजीम प्रेमजी 53 वर्षों से वैश्विक सॉफ्टवेयर सेवाओं का नेतृत्व करने के बाद अब इसके गैर-कार्यकारी निदेशक के रूप में काम करेंगे. अपने पिता की तरह ही रिशद भी परोपकार में गहरी दिलचस्पी रखते हैं.ऋषद ने 2018-19 में उद्योग संगठन नेशनल एसोसिएशन ऑफ सॉफ्टवेयर एंड सर्विसेज कंपनीज (नैसकॉम) के अध्यक्ष के रूप में भी काम किया है.


रिषद हार्वर्ड बिजनेस स्कूल से एमबीए हैं. उन्होंने वेस्लेयन विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र की पढाई की और 2014 में उन्हें विश्व आर्थिक मंच द्वारा उनके उत्कृष्ट नेतृत्व, पेशेवर उपलब्धियों और समाज के प्रति प्रतिबद्धता के लिए एक युवा वैश्विक नेता के रूप में मान्यता मिली. विप्रो में शामिल होने से पहले ऋषद प्रेमजी का लंदन में बैन एंड कंपनी में थे, जो उपभोक्ता उत्पादों, ऑटोमोबाइल, टेलीकॉम और बीमा में काम कर रहा है.

उन्होंने अमेरिका में GE कैपिटल के साथ बीमा और उपभोक्ता ऋण देने वाले व्यवसायों के साथ भी काम किया और GE के वित्तीय प्रबंधन कार्यक्रम में स्नातक हैं. रिषद प्रेमजी को मई 2015 में निदेशक मंडल में शामिल किया गया था. ऋषद को 2015 में 100 मिलियन डोललर विप्रो वेंचर्स स्थापित करने का श्रेय दिया जाता है, जिसने अब तक 18 स्टार्टअप्स में 65 मिलियन डॉलर का निवेश किया है और मूल कंपनी को 100 से अधिक सौदों में मदद की है.

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First published: 30 July 2019, 16:08 IST
 
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