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ट्रैफिक पुलिस को अब नहीं दिखाने होंगे गाड़ी के कागज, मान्य होंगे ई-दस्तावेज

कैच ब्यूरो | Updated on: 18 July 2018, 13:48 IST

सरकार लगातार कागजों को ख़त्म कर उन्हें डिजिटल रूप में परिवर्तित करने में लगी हुई है. इसी कड़ी में अब केंद्र मोटर व्हीकल नियमों में बदलाव कर आपके ड्राइविंग लाइसेंस, रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट, पॉल्यूशन सर्टिफिकेट जैसे दस्तावेजों को डिजिटल बनाना चाहती है.

इसके बाद ट्रैफिक पुलिस को लोगों के डाक्यूमेंट्स डिजिटल रूप में स्वीकार करना होगा. हालही में लगातर कई राज्यों से शिकायतें आयी थी कि अधिकारी दस्तावेजों में डिजिटल रूप में स्वीकार नहीं कर रहे हैं.

मंत्रालय के अगले दो दिनों में इस मामले पर सलाह जारी करने की संभावना है. इसके अलावा, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा अधिसूचित मसौदे नियम से पता चलता है कि 'सभी सामान गाड़ी वाहन वाहन या कंटेनर बंद बॉडी के साथ की माल ले जा सकते हैं. यह आगे कहता है कि यदि खुले निकायों में सामान ले जाना है तो उचित कवर जैसे टैरपॉलिन या किसी अन्य उपयुक्त सामग्री के साथ कवर किये जाएं.

 

नियमों में अन्य बदलाव के तहत मिनिस्ट्री ने सभी नेशनल परमिट वाले वाहनों में FASTags, फिक्सिंग रिफ्लेक्टिव टेप्स और वीकल ट्रैकिंग सिस्टम लगाने का प्रस्वात भी दिया है. इसके लगने से सभी कॉमर्शियल व्हीकल को फिटनेस टेस्ट से गुजरने की जरूरत नहीं होगी.

मंत्रालय ने यह भी प्रस्ताव रखा है कि पुराने वाहन का हर दो साल में फिटनेस टेस्ट किया जाए. अब तक यह टेस्ट दो साल में होता था. यह नियम केवल 8 साल पुराने वाहनों में लागू होगा.

इस बदलाव हो जाने के बाद ड्राइविंग लाइसेंस, वाहनों का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट, नियंत्रित प्रदूषण प्रमाण पत्र, बीमा आदि के कागजात की मूल प्रति रखना जरूरी नहीं रह जाएगा. वहां मालिक इसकी मूल प्रति रख सकते हैं जबकि कागजातों की डिजिटल प्रति भी हर जगह मान्य होगी.

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First published: 18 July 2018, 13:35 IST
 
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