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इंटरनेशनल बाजार में पानी से सस्ता हुआ तेल, जानिए भारत में पेट्रोल-डीजल पर लगता है इतना टैक्स

कैच ब्यूरो | Updated on: 16 March 2020, 14:27 IST

अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude OIL) की कीमतों में जबरदस्त गिरावट आयी है. हालंकि भारत में उत्पाद शुल्क में 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी के बावजूद इस महीने पेट्रोल और डीजल की कीमतें 2 रुपये प्रति लीटर सस्ती हो गई हैं. सोमवार को पेट्रोल की कीमत में 16 पैसे प्रति लीटर और डीजल के दाम में 15 पैसे प्रति लीटर की कटौती हुई. सोमवार को दिल्ली में एक लीटर पेट्रोल की कीमत 69.59 प्रति लीटर और डीजल की कीमत 62.29 प्रति लीटर है.

मुंबई में पेट्रोल 75.30 प्रति लीटर और डीजल 65.21 प्रति लीटर की दर से बिक रहा है. अंतर्राष्ट्रीय तेल बाजार में ब्रेंट क्रूड 1.13 डॉलर से गिरकर 32.72 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया. कच्चे तेल की कीमतों में 2008 के बाद से सबसे बड़ी गिरावट आयी है.

क्यों हुआ कच्चा तेल सस्ता

सऊदी अरब और रूस के बीच कच्चे तेल की आपूर्ति सीमित करने को लेकर हुए विवाद के बाद सऊदी अरब ने तेल की कीमतें गिराने के लिए उत्पादन और आपूर्ति बढ़ा दी. संयुक्त अरब अमीरात ने भी सऊदी अरब का साथ दिया और इससे इससे कच्चे तेल की कीमतों में तीस फीसदी से ज्यादा की गिरावट आ गई. एक बैरल में 159 लीटर कच्चा तेल आता है इसलिए एक लीटर की कीमत 13 से 14 रुपये बनती है. इसकी तुलना पानी से करें तो एक लीटर मिनरल वॉटर के बोतल की कीमत 20 रूपये है

इंटरनेशनल बाजार में कच्चे तेल की कीमतें इतनी कम होने के बाद भी भारत में अधिक हैं. इसका कारण इसपर लगने वाला टैक्स है. मोदी सरकार ने साल 2014 से 2020 के बीच 10 बार पेट्रोल- डीजल पर उत्पाद शुल्क बढ़ाया है. जबकि राज्यों द्वारा लगने वाला वैट और डीलरों का कमीशन अलग है. आइये हम आपको बताते हैं वर्तमान में पेट्रोल डीजल पर कितना टैक्स लगता है.

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First published: 16 March 2020, 14:11 IST
 
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