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ओला ने बंद की ‘टैक्सी फॉर श्योर’ सेवा

कैच ब्यूरो | Updated on: 11 February 2017, 5:47 IST
('ओला')

ऐप आधारित टैक्सी सेवा मुहैया कराने वाली कंपनी ओला ने ‘टैक्सी फॉर श्योर’ कारोबार बंद करने का निर्णय किया है.

ओला ने 18 महीने पहले ही 20 करोड़ डालर में इसका अधिग्रहण किया था. खबरों के मुताबिक कंपनी के इस कदम से कम से कम 700 लोगों की नौकरी जाने की आशंका है. इसमें कारोबार विकास और सपोर्ट सेवा के कर्मचारी शामिल हैं.

एक ईमेल के जवाब में ओला ने कहा कि टैक्सी फॉर श्योर की ग्राहकों के बीच एक सस्ती सेवा प्रदान करने वाले ब्रांड की पहचान थी, जिसे ओला की ओला माइक्रो सेवा की शुरूआत करने के बाद उसके मंच पर ही समाहित कर दिया गया.

टैक्सी फॉर श्योर से जुड़े सभी ड्राइवर-सहयोगी और ग्राहकों को ओला के मंच पर लाया जा चुका है और अब एकीकरण का यह काम पूरा हो चुका है.

इस ऐप आधारित 'ओला' टैक्सी सर्विस कंपनी ने मार्च 2015 में अधिग्रहण किया था. अब ये उपक्रम बंद होने जा रहा है.

कंपनी के जिन विभागों से कर्मचारियों की छंटनी होगी उनमे प्रमुखरूप से उनके कॉल सेंटर, ड्राइवर रिलेशन, व्यवसाय विकास इकाइयों और कस्टमर से सीधी जानकारी रखने वाले विभाग शामिल होंगे. हालांकि इस जानकारी पर फ़िलहाल ओला की तरफ से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है.

ओला ने भारतीय बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए 20 करोड़ डॉलर में टैक्सी फॉर श्योर का अधिग्रहण किया था जो भारत की सबसे बड़ी ऐप आधारिक टैक्सी सर्विस कंपनी बन गयी थी.

कंपनी के इस अधिग्रहण के पीछे अमेरिकी कंपनी उबर को भारतीय बाजार में पछाड़ने की योजना के तहत देखा गया.

ओला ने टैक्सी फॉर श्योर के अधिग्रहण के बाद धीरे-धीरे कंपनी के परिचालन को कम कर दिया वहीं टैक्सी फॉर श्योर का परिचालन कम होने के बाद उबर एक साल में बड़ी तेजी से आगे बढ़ी. 

गौरतलब है कि इस साल की शुरूआत में ओला ने सस्ती एसी टैक्सी सेवा ‘माइक्रो’ शुरू की थी, जो अब 90 भारतीय शहरों में अपनी सेवाएं दे रही है.

ओला ने सस्ती कैब सर्विस के नाम पर अपनी प्राइम सेवा को लांच किया जिससे यह बाजार में अपनी पकड़ बनाये रख सके.

प्रतिद्वंद्वी टैक्सी सेवा कंपनी ‘टैक्सी फॉर श्योर’ के 20 करोड़ डॉलर में अधिग्रहण करने के 18 महीने बाद टैक्सी समूह ओला ने कहा है कि यथासंभव कर्मचारियों को समाहित करने और अन्य को बढ़ाकर बर्खास्तगी का लाभ देने के बाद उसने रेडियो टैक्सी सेवा के माइक्रो टैक्सी सेवा के साथ एकीकरण का फैसला किया है.

लेकिन रेडियो टैक्सी और टैक्सी बुकिंग सेवा टैक्सी फॉर श्योर ओला ऐप पर आईकॉन लगातार दिखाता है ‘कोई कैब नहीं’. 

कंपनी ने जारी बयान में कहा, “कम समय में ओला टैक्सी सेवा की सफलता में टैक्सी फॉर श्योर ने व्यापक योगदान दिया है. ओला टैक्सी सेवा का भारत के 90 शहरों में विस्तार हुआ है और किसी गतिशील मंच पर आने वाले पहली बार टैक्सी सेवा के उपयोग करने वालों की हिस्सेदारी सर्वाधिक है.”

कंपनी ने कहा, “टैक्सी फॉर श्योर के सभी चालक भागीदारों और उपभोक्ताओं के ओला ऐप पर आ जाने से अब एकीकरण पूरा हो गया है. कंपनी ने उन सभी कर्मचारियों को समाहित कर लिया है, जो ओला की प्रगति में सहयोग कर सकते हैं.” प्रभावित कर्मचारियों को नया करियर शुरू करने में मदद के लिए बर्खास्तगी का लाभ बढ़ा कर दिया जा रहा है.

हालांकि कंपनी ने टैक्सी फॉर श्योर के बेड़े के आकार, नेटवर्क में चालक भागीदार या सेवा के अंतिम छोर पर समर्पित कर्मचारियों के बारे में टिप्पणी करने से इनकार कर दिया. कंपनी ने यह भी नहीं बताया कि वह टैक्सी फॉर श्योर ब्रांड से पूर्णत: नाता तोड़ना चाहती है या नहीं. 

टैक्सी फॉर श्योर दिल्ली, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, बेंगलुरू, चेन्नई, हैदराबाद, अहमदाबाद, चंडीगढ़, जयपुर, कोलकाता, मुंबई और पुणे में अपनी सेवा दे रही थी. 

First published: 18 August 2016, 2:13 IST
 
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