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नीति आयोग के सुझाव पर मोदी सरकार दे सकती इलाज में बड़ी छूट, जानिए क्या है मामला

कैच ब्यूरो | Updated on: 15 June 2018, 14:06 IST

मोदी सरकार जल्द ही डिस्ट्रिब्यूटर्स, होलसेलर्स, रिटेलर्स और अस्पतालों के द्वारा मरीजों से मनमानी वसूली पर लगाम लगा सकती है. इसके लिए मोदी सरकार मेडिकल डिवाइसेज के ट्रेड मार्जिन को 30 पर्सेंट तक करने की तैयारी में है. यह सुझाव सरकार को थिंक टैंक नीति आयोग ने दिया है ताकि मेडिकल डिवाइसेज और सर्विसेज को अाम आदमी के लिए अफोर्डेबल बना सके. इसी के तहत पहले पॉइंट ऑफ सेल पर आयोग ने इन डिवाइसेज को 30 फीसदी मार्जिन तक लाने का सुझाव दिया है.

हाल ही में पीएमओ के साथ एक मीटिंग में इस प्रस्ताव पर चर्चा हुई. इसके अलावा आयोग ने इस बात को लेकर मेडिकल डिवाइसेज मैन्युफैक्चरर्स के अलावा सभी संबंधित पक्षों से बातचीत करनी शुरू कर दी है. नीति आयोग ने अफोर्डेबल मेडिसिन्स और हेल्थ प्रॉडक्ट्स की स्टैंडिंग कमिटी से कहा है कि उसे एक ऐसी मेडिकल डिवाइसेज की लिस्ट तैयार करनी चाहिए, जो जिससे मार्जिन को सीमित किया जा सके और अधिक मात्रा में उत्पादन हो सके.

बता दें कि वर्तमान में भारत लगभग 75 फीसदी मेडिकल डिवाइसेज का दूसरे देशो से आयात करता है. इनमें 80 फीसदी वैसे डिवाइसेज शामिल है जिनका जटिल इलाज के लिए इस्तेमाल होता है और इनकी कीमत भी अधिक होती है. साथ ही इन मेडिकल डिवाइसेज की कीमतों पर सरकार का कोई नियंत्रण नहीं है. 

पीएमओ के साथ हुई इस मीटिंग में साझा किए गए एक्शन प्लान के मुताबिक, 'यह सुझाव दिया कि दवाइयों, इलाज और जरूरी डिवाइसेज को कीमत नियंत्रण की नीति के तहत लाया जाना चाहिए. इससे सभी मेडिकल डिवाइसेज की कीमतें और अन्य हेल्थ प्रॉडक्ट्स के प्राइस नियंत्रण में रह सकेंगे.'

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बता दें कि कार्डिएक स्टेंट, ड्रग इलुटिंग स्टेंट, कॉन्डम्स और इंट्रा यूटेरिन डिवाइसेज की कीमतें पूरी तरह से सरकार के नियंत्रण में हैं. इसके अलावा बाकी मेडिकल डिवाइसेज पर सरकार का कोई नियंत्रण नहीं है.

First published: 15 June 2018, 14:06 IST
 
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