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तेल का खेल : पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर ONGC ने खड़े किये हाथ, कहा- पहले ही इतना है बोझ

कैच ब्यूरो | Updated on: 2 June 2018, 10:54 IST

देश में पैट्रोल और डीजल की कीमतों को कम करना सरकार के लिए चुनौती बना हुआ है. ऐसे में केंद्र सरकार एक बार फिर प्राकृतिक गैस निगम (ओएनजीसी) की ओर देख रही है. यह कोई पहला मौका नहीं जब केंद्र को ओएनजीसी की याद आयी है. इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट की मानें तो ओएनजीसी ने डीजल और पेट्रोल की कीमतों में कटौती के बोझ को सहने के लिए अपनी राय जाहिर की है.

उसका मानना है कि सरकार को उत्पाद शुल्क या राज्यों के वैट में कटौती करके पेट्रोल और डीजल की कीमतों में राहत देनी चाहिए. रिपोर्ट के अनुसार गुरुवार को पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के आवास पर हुई एक बैठक में ओएनजीसी के अध्यक्ष शशि शंकर ने बताया कि ओएनजीसी पर पहले ही बोझ है क्योंकि एचपीसीएल और गुजरात स्टेट पेट्रोलियम कॉरपोरेशन (जीएसपीसी) में हिस्सेदारी खरीदने के बाद पहले बोझ से दबा है.

गौरतलब है कि करोड़ों के घाटे में चल रही गुजरात सरकार की पेट्रोलियम कंपनी 'गुजरात स्टेट पेट्रोलियम कॉरपोरेशन' (GSPC) को उबारने की जिम्मेदारी केंद्र सरकार ने ONGC को दे दी थी. पिछले अगस्त में ओएनजीसी ने जीएसपीसी के केजी बेसिन गैस ब्लॉक में 7,738 करोड़ रुपये में 80 फीसदी हिस्सेदारी ली थी. इसके बाद ओएनजीसी ने एचपीसीएल में सरकार की पूरी हिस्सेदारी को खरीद लिया था.

वित्त मंत्रालय पेट्रोल और डीजल पर लगाए गए उत्पाद शुल्क में कटौती करने के लिए अनिच्छुक है क्योंकि सरकार को लगता है कि इससे सामाजिक क्षेत्र की कल्याणकारी योजनाओं के फंड पर असर पड़ेगा. सरकार चाहती थी कि पेट्रोल और डीजल की क़ीमत कम करने के लिए विकल्प के रूप में ओएनजीसी को खुदरा विक्रेताओं को सब्सिडी देनी चाहिए ताकि बाजार दरों से कम कीमत पर पेट्रोल और डीजल बेचा जा सकें.

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First published: 2 June 2018, 10:51 IST
 
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