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बजट 2016-17 किसान के चक्कर में जवान को भूल गए वित्तमंत्री

शौर्ज्य भौमिक | Updated on: 1 March 2016, 15:31 IST
QUICK PILL
  • पिछले साल के रक्षा बजट के मुकाबले 2016-17 में सरकार ने रक्षा बजट में महज 4.58 फीसदी की बढ़ोत्तरी की है. 2015-16 में रक्षा खर्च की रकम 2.46 लाख करोड़ रुपये थी.
  • इस साल सरकार ने रक्षा बजट के मद में 3.40 लाख करोड़ रुपये का आवंटन किया है. इसमें वन रैंक वन पेंशन को लागू किए जाने के लिए दी गई 82,332 करोड़ रुपये की रकम भी शामिल है. नरेंद्र मोदी सरकार ने पिछले साल इसकी घोषणा की थी.

वित्तमंत्री अरुण जेटली ने 'जय किसान' बोलते हुए अपने बजट भाषण की शुरुआत की. लेकिन उनके दो घंटों के बजट भाषण में 'जय जवान' को जगह नहीं मिली. रक्षा बलों को बजट में कुछ खास नहीं मिला. हालांकि सरकार ने रक्षा बजट में मामूली 4.58 फीसदी की बढ़ोत्तरी करने की घोषणा जरूर की.

2015-16 में रक्षा खर्च की रकम 2.46 लाख करोड़ रुपये थी. जबकि सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर और पेंशन के मद में सरकार ने 62,582 लाख करोड़ रुपये खर्च किए. समग्र तौर पर सरकार ने रक्षा बजट के मद में 3.09 लाख करोड़ रुपये का आवंटन किया.

वन रैंक वन पेंशन को लागू किए जाने के लिए सरकार ने 82,332 करोड़ रुपये आवंटित किया है

इस साल सरकार ने रक्षा बजट के मद में 3.40 लाख करोड़ रुपये का आवंटन किया है. इसमें वन रैंक वन पेंशन को लागू किए जाने के लिए दी गई 82,332 करोड़ रुपये की रकम भी शामिल है. नरेंद्र मोदी सरकार ने पिछले साल इसकी घोषणा की थी. 

सबसे दिलचस्प यह रहा कि सरकार ने पहली बार पेंशन को भी रक्षा आवंटन में जोड़ दिया है. पेंशन बिल को इससे पहले अलग रखा जाता था.

क्यों हुआ बदलाव

अगर आप इस साल के रक्षा बजट को पेंशन हटाकर पिछली बार के रक्षा बजट से तुलना करते हैं तो आप पाएंगे कि इस बार के रक्षा बजट में महज 4.58 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है.

कई लोगों का कहना है कि  पिछले 15 सालों में किसी वित्त मंत्री ने रक्षा बजट को इस तरह से नजरअंदाज नहीं किया है. हालांकि सरकार ने साफ कर दिया है कि रक्षा क्षेत्र उसकी प्राथमिकता में है.

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रक्षा बजट में की गई मामूली बढ़ोतरी हालांकि चौंकाने वाली खबर नहीं रही. सरकार ने इस बारे में पहले ही कई संकेत दे दिए थे. सरकार ने बार-बार ओआरओपी का हवाला देकर यह बताने की कोशिश की थी इस मद में काफी पैसे खर्च किए जाने की जरूरत है.

अगले वित्त वर्ष में 7वें वेतन आयोग और ओआरओपी का सरकार पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा

पिछले साल सरकार ने पेंशन के मद में 54,500 करोड़ रुपये खर्च किए थे और इस बार सरकार ने इसके लिए 82,332 करोड़ रुपये दिए हैं. आने वाले सालों में इस मद में खर्च में इजाफा होने की ही संभावना है.

बजट पेश करते हुए जेटली ने कहा, '7वें वेतन आयोग और डिफेंस ओआरओपी को लागू किए जाने की वजह से अगले वित्त वर्ष में वित्तीय बोझ में बढ़ोतरी होगी.'

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First published: 1 March 2016, 15:31 IST
 
शौर्ज्य भौमिक @sourjyabhowmick

संवाददाता, कैच न्यूज़, डेटा माइनिंग से प्यार. हिन्दुस्तान टाइम्स और इंडियास्पेंड में काम कर चुके हैं.

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