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वो 50 लोग जिन्होंने नीरव मोदी से ज्वैलरी खरीदी, इनकम टैक्स के निशाने पर

कैच ब्यूरो | Updated on: 14 July 2018, 14:47 IST

आयकर विभाग ने 50 से अधिक उच्च नेटवर्थ व्यक्तियों (एचएनआई) के आईटीआर का पुनर्मूल्यांकन करने का फैसला किया है, जिनपर फरार कारोबारी नीरव मोदी की स्वामित्व वाली फर्मों से महंगे आभूषण खरीदने का संदेह है. टैक्स विभाग ने ये फैसला उस कदम के बाद उठाया है जिसमे कई लोगों को नोटिस भेजकर पूछा गया था कि वह अपने आभूषणों की खरीद के लिए आय के स्रोत का खुलासा करें.

हालांकि इस नोटिस के जवाब में कई लोगों ने नीरव मोदी की फर्मों को किसी भी नकदी भुगतान से इंकार कर किया. अधिकारियों ने कहा कि विभाग ने जिन दस्तावेजों को इकट्ठा किया है वो इंगित करते हैं कि आभूषणों के इन चुनिंदा खरीदारों ने चेक या कार्ड (डेबिट / क्रेडिट) और शेष नकदी में हीरे के आभूषणों के लिए कुल भुगतान किया.

टैक्स नोटिस के जवाब में ज्यादातर लोगों ने कहा कि उन्होंने कोई नकद भुगतान नहीं किया है, लेकिन आईटी विभाग के पास मौजूद आंकड़ों के मुताबिक नीरव मोदी की कंपनियों द्वारा की गई बिक्री के मामले इसकी पुष्टि नहीं करते हैं. अधिकारियों ने कहा कि कंपनी की किताबों में यह पाया गया है कि उन्हें नकद और चेक / कार्ड लेनदेन में रूप में भुगतान प्राप्त हुआ था.

इनकम टैक्स विभाग को इसीलिए लगा कि 2014 से शुरू होने वाले 50 से अधिक लोगों के आयकर रिटर्न (आईटीआर) का फिर से मूल्यांकन करना आवश्यक है. अधिकारियों ने कहा कि इस प्रकृति के कुछ और मामले प्रारंभिक जांच के तहत हैं. विभाग ने हाल ही में रेवाड़ी स्थित एक निजी अस्पताल में इस बावत छापेमारी भी की थी, जो स्वराज इंडियन के ता योगेंद्र यादव से संबंधियों से जुड़ा हुआ है.

इसक बाद यह पाया गया कि फर्म के मालिकों ने कथित रूप से नकद और चेक के रूप में नीरव मोदी की फर्म से आभूषण खरीदे थे. कर विभाग ने मुंबई सरकार के सामने कथित कर चोरी के लिए पहले ही नीरव मोदी और अन्य के खिलाफ चार्जशीट दायर की है.

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First published: 14 July 2018, 14:47 IST
 
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