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पनामा, पैराडाइज के बाद अब हुआ मॉरीशस रुट का खुलासा, ऐसे की गई टैक्स चोरी

कैच ब्यूरो | Updated on: 23 July 2019, 11:35 IST

स्विस लीक्स, पनामा पेपर्स और पैराडाइज पेपर्स के बाद अब मॉरीशस से कई दस्तावेजों का खुलासा हुआ है. 200,000 से अधिक ईमेल, कॉन्ट्रैक्ट्स और बैंक स्टेटमेंट जो बताते हैं कि कई भारतीय कंपनियों ने बहुराष्ट्रीय कंपनियों के साथ साझेदारी कर टैक्स का फायदा उठाया है. रिपोर्ट के अनुसार कई भारतीय कंपनियों ने मॉरीशस में निवेश कर टैक्स का लाभ उठाया.

कई वक्त से यह माना जाता है कि भारतीय टैक्स चोरी के लिए इस रुट का इस्तेमाल करते हैं. इससे बिना टैक्स चुकाए भारत को विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (एफडीआई) को बड़ा नुकसान होता है. द इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार इंटरनेशनल कंसोर्टियम ऑफ इंवेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट्स (ICIJ) को एक ऑफशोर विशेषज्ञ फर्म, कॉन्यर्स डिल एंड पीयरमैन से डेटा प्राप्त हुआ.

 

भारत और मॉरीशस के बीच 1982 में डबल टैक्सेशन अवॉइडेंस एग्रीमेंट (DTAA) पर हस्ताक्षर किए गए थे. इसके तहत कोई भी संस्था टैक्स रेजीडेंसी के लिए आवेदन कर सकती है और शून्य पूंजीगत लाभ कर का भुगतान कर सकती है. यह प्रमुख कारण था कि भारत में निवेश के लिए मॉरीशस एक शीर्ष चैनल के रूप में उभरा. 10 मई 2016 को डीटीएए में संशोधन किया गया. इसके बाद से 2018-2019 में, पिछले वर्ष की तुलना में मॉरीशस से भारत में एफडीआई प्रवाह में 44% की गिरावट आई है.

रिपोर्ट का दावा : आगामी 4 सालों में ऑटोमेशन ख़त्म कर देगा इन सेक्टर्स में 37 फीसदी नौकरियां

First published: 23 July 2019, 11:35 IST
 
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