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रिलायंस जैसी निजी कंपनियों को मिल सकती है सब्सिडी वाले LPG सिलेंडर बेचने की अनुमति

कैच ब्यूरो | Updated on: 13 June 2019, 17:18 IST

सरकार ने लोगों को रियायती रसोई गैस बेचने की अनुमति देने पर विचार करने के लिए एक विशेषज्ञ पैनल का गठन किया है जो रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसी निजी कंपनियों की लंबे समय से मांग है क्योंकि राज्य की कंपनियां ग्राहकों को ढेर सारी सब्सिडी देकर लुभाती हैं.

रिलायंस इंडस्ट्रीज जामनगर में दुनिया की सबसे बड़ी रिफाइनरी चलाती है और वह एलपीजी का एक बड़ा उत्पादक है. रिलायंस प्राइवेट प्लेयर्स को सब्सिडी वाले सिलेंडर वितरित करने की अनुमति देने के लिए वर्षों से सरकार की पैरवी कर रही है.

इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार सरकारी तेल कंपनियां बाजार मूल्य पर ग्राहकों को सिलेंडर बेचती हैं, लेकिन खरीदारों को जल्द ही उनके बैंक खातों में सब्सिडी का भुगतान किया जाता है, जो निजी कंपनियों द्वारा बेची जाने वाली ईंधन की तुलना में प्रभावी रूप से सस्ता होता है. 

तेल मंत्रालय ने एक पैनल गठित किया है जिसमें अर्थशास्त्री किरीट पारिख, पूर्व पेट्रोलियम सचिव जीसी चतुर्वेदी, पूर्व इंडियन ऑयलए के चेयरमैन एमए पठान, आईआईएम अहमदाबाद के निदेशक एरोल डिसूजा और पेट्रोलियम मंत्रालय में संयुक्त सचिव सहित पांच सदस्य शामिल हैं.

पैनल को जुलाई के अंत तक रिपोर्ट सौंपनी है. पैनल में वही विशेषज्ञ हैं जो समिति में थे जिन्होंने हाल ही में पेट्रोल पंपों की स्थापना के संबंध में नीतिगत सुधारों की सिफारिश की थी. रिलायंस कई राज्यों में 10 लाख कुकिंग गैस ग्राहकों के लिए काम करता है, जो देश के 26.5 मिलियन ग्राहक आधार की तुलना में छोटा है. हाल के वर्षों में देश के रसोई गैस ग्राहकों की आबादी में अधिक घरों तक पहुंची है. लगभग 20 मिलियन ग्राहकों को सब्सिडी नहीं मिलती है.

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First published: 13 June 2019, 17:03 IST
 
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