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TV से गायब क्यों हो रहे हैं बाबा रामदेव की पतंजलि के विज्ञापन ?

कैच ब्यूरो | Updated on: 29 October 2018, 16:15 IST

कभी टेलीविजन में टॉप-3 विज्ञापनदाताओं में बाबा रामदेव की पतंजलि का दबदबा था लेकिन पिछले कुछ समय से टीवी से पतंजलि ने अपने कुछ विज्ञापन कम किये हैं .न्यूज़ वेबसाइट द प्रिंट के मुताबिक अब पतंजलि अब देश के शीर्ष तीन विज्ञापनदाताओं की सूची में से बाहर हो गई है.

एडएक्स इंडिया (AdEx India) के नवीनतम आंकड़ों के मुताबिक पतंजलि अब 10वें स्थान पर आ गई है. पिछले साल हरिद्वार स्थित पतंजलि ने विज्ञापनदाताओं की सूची में शीर्ष चॉकलेट निर्माता कैडबरी को रिप्लेस किया था, जो 2015 तक शीर्ष 10 के करीब कहीं नहीं था और 2016 में यह सातवें स्थान पर था.

वहीं प्रिंट विज्ञापन सूची में भी पिछले एक साल में यह सातवें से दसवें स्थान पर आ गया है. बीएआरसी इंडिया के मुताबिक एक साल पहले चैनलों में लगभग 25,000 विज्ञापन स्पॉट्स की औसत से एक सप्ताह पहले पतंजलि में औसतन औसतन 16,000 स्पॉट प्रति सप्ताह या इससे भी कम है. 25 मार्च 2016 को समाप्त हुए सप्ताह में पतंजलि में टीवी पर 24,050 प्रविष्टियां थीं, जबकि रामदेव स्वयं एक ही सप्ताह में 2,34,934 बार विभिन्न चैनलों पर दिखाई देते थे.

इस साल 29 सितंबर से 5 अक्टूबर के सप्ताह में तुलना करें तो पतंजलि टेलीविजन पर शीर्ष 10 विज्ञापनदाताओं में कहीं भी नहीं है. पतंजलि के सीईओ आचार्य बालकृष्ण ने न्यूज़ वेबसाइट द प्रिंटर को बताया कि कंपनी ने अपने टीवी विज्ञापनों को जानबूझ कर कम कर दिया है. बालकृष्ण ने कहा कि हम हम डिमांड के आधार सप्लाई नहीं कर पा रहे हैं, क्योंकि सप्लाई चैन मैनेजमेंट कमजोर है.

हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि पतंजलि का विज्ञापन बजट वही रहेगा. विज्ञापन एजेंसियों का कहना है कि मीडिया में अपने ब्रांड को बढ़ावा देने के लिए पतंजलि 500 करोड़ रुपये या इसके कारोबार का करीब 5 फीसदी खर्च करता है. उद्योग के अनुमानों के अनुसार, पतंजलि ने 2017-18 में विज्ञापन पर 570 करोड़ रुपये खर्च किए हैं और यह इस वित्त वर्ष में 560 करोड़ रुपये खर्च करने की भी योजना है.

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First published: 29 October 2018, 14:14 IST
 
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