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पतंजलि की लगातार बढ़ती कमाई पर लग सकता है ब्रेक, ये है बड़ी वजह

कैच ब्यूरो | Updated on: 1 June 2018, 14:28 IST

बाबा रामदेव की पतंजलि नए डिस्ट्रीब्यूटर्स की तालाश कर रही है, लेकिन उन्हे डिस्ट्रीब्यूटर्स नहीं मिल पा रहे हैं. बढ़ते व्यापार के साथ पतंजली को नए डिस्ट्रीब्यूटर्स की जरुरत है ताकी लोगोें तक उनके प्रोडक्टस आसानी से पहुंच सके. ऐसे में डिस्ट्रीब्यूटर्स नहीं मिल पाने से कंपनी को खासा नुकसान उठाना पड़ रहा है.

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बता दें कि पतंजली ने देश के फास्ट मूविंग कंज्यूमर गुड्स यानी एफएमसीजी सेक्टर में हलचल पैदा कर दी है. इसके साथ ही इस सेक्टर में पतंजली हिंदुस्तान यूनिलीवर और प्रॉक्टर एंड गैंबल (P&G) जैसी दिग्गज कंपनियों के लिए बड़ी चुनौती बन गई है.

जहां पतंजलि की आमदनी वित्तीय साल 2012 में 500 करोड़ रुपये से कम थी, तो वित्तीय साल 2016 में यह बढ़कर 10,000 करोड़ रुपये से ज्यादा हो गई. जिसके बाद कंपनी का अगला लक्ष्य इस मुनाफे को 20,000 करोड़ रुपये तक बढ़ाना था. 

किसी भी बिजनेस को बढ़ाने के लिए डिस्ट्रीब्यूटर्स चैन का मजबूत होना बहुत आवश्यक है. क्योंकि प्रोडक्टस के उत्पादन के बाद दूसरी बडी़ समस्या इसे बाजार तक पहुंचाने की होेती है. ऐसे में पतंजलि की की कम लागत वाले डिस्ट्रिब्यूशन सिस्टम पर यह भार बढ़ता जा रहा है. जिससे वह अपनी ताकतवर प्रतिद्वंद्वियों को टक्कर दे पाने में अब तक सफल रही है.

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इकनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार पतंजलि के सहयोगियों का कहना है कि कंपनी बिक्री बढ़ाने के लिए लगातार नए डिस्ट्रिब्यूटर्स और ट्रेड के नए चैनल्स की तलाश कर रही है. इसका खामियाजा इसके पुराने डिस्ट्रिब्यूटर्स को उठाना पड़ रहा है. वहीं इस सवाल पर पतंजलि आयुर्वेद के प्रवक्ता एस.के. तिजारावाला से कोई जवाब नहीं मिला.

First published: 1 June 2018, 14:28 IST
 
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