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PepsiCo ने कुरकुरे को लेकर फैली इस फेक न्यूज़ को रोकने के लिए खर्च कर डाले 2 करोड़

कैच ब्यूरो | Updated on: 27 July 2018, 13:05 IST

सोशल मीडिया में यह अफवाह जमकर फैली कि कुरकुरे आसानी से आग पकड़ सकता है क्योंकि इसमें प्रास्टिक की मात्रा है. अब पेप्सिको ने दिल्ली हाईकोर्ट से वह आर्डर ले लिया है जिससे यह विवाद ख़त्म हो जायेगा. इस आदेश में
ट्विटर से यूट्यूब,फेसबुक से इंस्टाग्राम तक कुर्कुर और उसके निर्माता की छवि को खराब करने वाली किसी भी पोस्ट को हटाने के लिए कहा गया है.

इससे पहले मार्च में होटल से सिगरेट का कारोबार करने वाली प्रमुख आईटीसी को बेंगलुरु में सिविल कोर्ट से ऐसा ही आर्डर प्राप्त हुआ था. जिसमे व्हाट्सएप और फेसबुक पर प्रसारित उन सारे वीडियो को हटाने के लिए कहा गया गया था, जिनमे आशिर्वाद आटे में प्लास्टिक होने का दावा किया जा रहा था.

 

आईटीसी ने कोलकाता और हैदराबाद में झूठी खबर फैलाने वाले लोगों के खिलाफ पुलिस शिकायत दर्ज कार्रवाई थी. उसी महीने बाबा रामदेव की पतंजलि आयुर्वेद ने दिल्ली उच्च न्यायालय से अंतरिम आदेश प्राप्त किया, जिसमें फेसबुक, Google और यूट्यूब को एक वीडियो ब्लॉग हटाने का निर्देश दिया गया था, जिसमे कंपनी के आटा ब्रांड को अपमानित किया गया था.

पेप्सिको के पक्ष में दिए आदेश में कम से कम 20,000 से अधिक फेसबुक पोस्ट, 3,412 फेसबुक लिंक, 242 यूट्यूब वीडियो, 6 इंस्टाग्राम लिंक और कुरकुरे के बारे में 562 ट्वीट्स को हटाने का आदेश दिया गया है. विडंबना यह है कि फर्म ने हाल ही में अफवाहों को रोकने के लिए 20 मिलियन रुपये खर्च किए.

फेसबुक और यूट्यूब ने अख़बार बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया कि उन्हें अदालत का आदेश मिला था और उन्होंने कार्रवाई शुरू कर दी है. Google इंडिया के प्रवक्ता के मुताबिक, ऑर्डर में उल्लिखित सभी वीडियो यूआरएल यूट्यूब से हटा दिए गए हैं.

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First published: 27 July 2018, 13:01 IST
 
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