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तेल का खेल : पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में 2 से 4 रुपये कटौती करने की तैयारी में सरकार

सुनील रावत | Updated on: 23 May 2018, 10:03 IST

देशभर में पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के मद्देनजर केंद्र सरकार जल्द एक्साइज ड्यूटी कम करने पर बड़ा फैसला ले सकती है. एक रिपोर्ट के अनुसार अब इस पर अंतिम फैसला पीएमओ को लेना है. सूत्रों की मानें तो यह कटौती 2 रुपये से 4 रुपये प्रति लीटर की रेंज में होने की संभावना है.

मंगलवार को दिल्ली में पेट्रोल और डीजल की कीमत क्रमश: 76.87 रुपये और 68.08 रुपये प्रति लीटर के नए ऊंचे स्तर पर पहुंच गई. मुंबई में पेट्रोल की कीमत 84.70 रुपये प्रति लीटर और डीजल 72.48 रुपये पर रही.

पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से स्थिति को संभालने के लिए बुधवार को आयल मार्केटिंग कंपनियों से मिल सकते हैं. यह संभावना है कि सरकार इंडियन आयल (आईओसी), हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (एचपीसीएल) और भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (बीपीसीएल) से अस्थायी व्यवस्था के रूप में कीमतें जमा करने के लिए कह सकती है.

बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट के अनुसार पीएमओ को ओएमसी से डेटा और इनपुट प्रदान किया गया है. वित्त मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा, पिछले एक सप्ताह से उत्पाद शुल्क में कटौती के संबंध में चर्चा चल रही है और इसपर निर्णय जल्द लिया जायेगा. रिपोर्ट के अनुसार इसपर अंतिम फैसला पीएमओ को लेना है. 

एक्साइज ड्यूटी पर डीलरों से उनके कमीशन को लेकर भी बातचीत भी चल रही है. गौरतलब है कि जब वैश्विक तेल की कीमतें नीचे आईं, तो सरकार ने नवंबर 2014 और जनवरी 2016 के बीच नौ बार उत्पाद शुल्क बढ़ाया लेकिन पिछले साल अक्टूबर में इसे केवल एक बार कम किया गया.

वित्त मंत्रालय के राजस्व संग्रह अनुमानों के मुताबिक केंद्र सरकार इस वित्त वर्ष के अंत तक पेट्रोलियम उत्पादों पर टैक्स लगाकर 2.579 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा इकट्ठा करने की उम्मीद कर रही है. यह 2013-14 में 88,600 करोड़ रुपये के राजस्व संग्रह से कई ज्यादा है. पिछले वित्त वर्ष में यह संग्रह 2.016 लाख करोड़ रुपये था.

वित्त मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में 1 रुपये प्रति कटौती से 130-140 अरब रुपये का रेवेन्यू लॉस होने उम्मीद है. 2 रुपये की कटौती से 260-280 अरब का सरकार को घाटा होगा. इसी तरह 4 रुपये प्रति लीटर की कटौती पर 520-560 अरब रुपये का सरकार को राजस्व नुकसान होगा.

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First published: 23 May 2018, 9:42 IST
 
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