Home » बिज़नेस » Petrol pump dealers to challenge Modi govt’s decision to open 56,000 new fuel outlets
 

पेट्रोल पंप डीलरों ने दी मोदी सरकार के इस बड़े फैसले को अदालती चुनौती

कैच ब्यूरो | Updated on: 28 November 2018, 14:05 IST

 

ऑल इंडिया पेट्रोल डीलर्स एसोसिएशन (एआईपीडीए) ने प्रधानमंत्री मोदी के उस फैसले के खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाया है जिसके तहत देशभर में अगले पांच साल में पेट्रोल पंपों की संख्या दोगुनी करने की बात कही गई है. डीलरों के शीर्ष निकाय ने निर्णय की कानूनी वैधता पर सवाल उठाते हुए कहा है कि ईंधन खुदरा दुकानों की संख्या में वृद्धि करने का कदम सरकार की अपनी ही नीति के विपरीत हैं.

एआईपीडीए के अध्यक्ष अजय बंसल ने बताया "एक ओर केंद्र ने भारत में पेट्रोल पंप को 2025 तक वैकल्पिक ईंधन के साथ बदलने की घोषणा की है लेकिन अब वे नए पेट्रोल पंप की दूसरी स्ट्रिंग आवंटित करने के लिए विज्ञापन प्रकाशित कर रहे हैं. तो यह नीति वास्तव में क्या है? "

वर्तमान में देशभर में लगभग 56,000 रिटेल पेट्रोल पंप हैं जो तीन सरकारी तेल बाजार कंपनियों इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल), हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) द्वारा संचालित होते हैं. इंडियन ऑइल के पास 26,982, बीपीसीएल के पास 15,802 और एचपीसीएल में 12,865 ईंधन आउटलेट हैं.

अब 25 नवंबर को सरकार ने राज्य में संचालित ओएमसी को बड़े पैमाने पर विस्ता और देश में पेट्रोल और डीजल की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए अगले पांच वर्षों में ईंधन आउटलेट की संख्या को दोगुना करने की इजाजत दी गई है. गौरतलब है कि भारत आयात के जरिए अपनी 83 फीसदी तेल आवश्यकताओं को पूरा करता है. पिछले वित्त वर्ष में देश ने 220.43 मिलियन टन (एमटी) कच्चे तेल के आयात पर 87.7 अरब डॉलर खर्च किए थे.

ये भी पढ़ें :  Ola और Uber को टक्कर देने आया नया स्टार्टअप, पूरे महीने के लिए किराये पर लीजिये कार

First published: 28 November 2018, 14:05 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी