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2017 में देश के एक प्रतिशत अमीर लोगों ने अर्जित की 73 प्रतिशत की संपत्ति

कैच ब्यूरो | Updated on: 22 January 2018, 11:24 IST

दावोस में होने जा रहे वर्ल्ड इकॉनोमिक फोरम सम्मिट में पीएम मोदी भारत की अर्थव्यवस्था की तस्वीर पेश करेंगे. लेकिन भारत में असमानता की खाई किस तरह बढ़ रही है इसका एक उदाहरण सर्वे में सामने आया है. इस सर्वे में कहा गया है पिछले साल देश में अर्जित किये गए धन का 73% हिस्सा एक प्रतिशत अमीर लोगों के पास गया. नए सर्वेक्षण में दिखाया गया है कि भारत में बढ़ती आय असमानता की बेहद चिंताजनक तस्वीर प्रस्तुत कर रही है.

ऑक्सफाम के अंतरराष्ट्रीय अधिकार समूह ऑक्सफाम द्वारा जारी किए गए सर्वेक्षण के मुताबिक 67 करोड़ भारतीयों ने अपनी संपत्ति में सिर्फ एक प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी. यह स्थिति दुनियाभर में और भी अधिक गंभीर दिखाई देती है. जहां पिछले साल कुल मिलाकर धन का 82 प्रतिशत हिस्सा 1 प्रतिशत लोगों के पास गया. जबकि 3.7 अरब गरीब आबादी की संपत्ति में कोई वृद्धि नहीं देखी.

 

वार्षिक ऑक्सफैम के पिछले साल के सर्वेक्षण में यह पता चला था कि देश के सबसे अमीर एक प्रतिशत व्यक्तियों के पास कुल संपत्ति का 58 प्रतिशत हिस्सा है. जो कि करीब 50 प्रतिशत के वैश्विक आंकड़े से ज्यादा है.

इस साल के सर्वेक्षण में यह भी पता चला है कि 2017-18 के दौरान भारत के सबसे धनी 1% लोगों की संपत्ति में 20.9 लाख करोड़ रुपये कि बढ़ोतरी हुई. ऑक्सफाम इंडिया ने कहा कि यह 2017-18 में केंद्र सरकार के कुल बजट के बराबर राशि है.

'रिवार्ड वर्क, नॉट वेल्थ' नामक रिपोर्ट में बताया गया है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था ने अमीर अभिजात वर्ग को विशाल धन इकट्ठा करने में सक्षम बना दिया है. जबकि सैकड़ों लोग गरीबी के वेतन पर बने रहने के लिए संघर्ष कर रहे हैं.

 

रिपोर्ट के अनुसार 2017 में हर दो दिनों में एक की दर से अरबपतियों की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि देखी गई. अरबपतियों की संपत्ति 2010 से 13 प्रतिशत की औसत से बढ़ी.

10 देशों में किए गए 1,20,000 लोगों के वैश्विक सर्वेक्षण के परिणामों का हवाला देते हुए ऑक्सफ़ैम ने कहा कि यह असमानता दिखाती है कि इस दिशा इस वक़्त कोई उठाने कि जरूरत है. दो-तिहाई उत्तरदाताओं का मानना है कि अमीर और गरीबों के बीच के अंतर को तत्काल कम किया जाना चाहिए.

First published: 22 January 2018, 11:24 IST
 
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