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सन एडीशन के दीवालिया होने से अप्रभावित हैं पीयूष गोयल

नीरज ठाकुर | Updated on: 13 July 2016, 13:14 IST
QUICK PILL
  • रिन्यूएबल एनर्जी मिनिस्टर पीयूष गोयल अमेरिकी कंपनी सन एडीशन के दीवालिया होने से बेअसर दिखाई दे रहे हैं. सन एडीशन का दुनिया में सबसे बड़ा रिन्यूबल एनर्जी पोर्टफोलियो है.
  • कंपनी उस वक्त सुर्खियों में आई थी जब उसने 2015 में भारत के एक सोलर पावर प्रोजेक्ट के लिए सबसे कम बोली लाई थी. कंपनी ने 4.63 रुपये प्रति किलोवॉट प्रति घंटे की दर से बोली लगाई थी. 
  • बैंकों ने कंपनी के गारंटी को भुनाना शुरू कर दिया है क्योंकि वह तय समय पर प्रोजेक्ट को शुरू करने में विफल रही है.

रिन्यूएबल एनर्जी मिनिस्टर पीयूष गोयल अमेरिकी कंपनी सन एडीशन के दीवालिया होने से बेअसर दिखाई दे रहे हैं. सन एडीशन का दुनिया में सबसे बड़ा रिन्यूबल एनर्जी पोर्टफोलियो है.

कंपनी उस वक्त सुर्खियों में आई थी जब उसने 2015 में भारत के एक सोलर पावर प्रोजेक्ट के लिए सबसे कम बोली लाई थी. कंपनी ने 4.63 रुपये प्रति किलोवॉट प्रति घंटे की दर से बोली लगाई थी. हालांकि अब बैंकों ने कंपनी के गारंटी को भुनाना शुरू कर दिया है क्योंकि वह तय समय पर प्रोजेक्ट को शुरू करने में विफल रही है.

मीडिया के साथ बातचीत में गोयल ने कहा, 'मैंने कंपनी से सबसे कम बोली लगाने को नहीं कहा था. यह एक खुली नीलामी थी और अगर वह अपने फाइनेंस को नहीं संभाल पा रहे हैं तो यह उनकी समस्या है.'

गोयल ने कहा कि भारत में बोली लगाने वाली कंपनियों को बताया गया था कि उन्हें यहां बहुत मौके मिलेंगे. उन्होंने कहा, 'अगर इसके बावजूद वह आक्रामक हो रही हैं तो सरकार उनकी मदद नहीं कर सकती.'

सरकार को अब सन एडीशन के प्रोजेक्ट की एक बार फिर से नीलामी करनी पड़ेगी. हालांकि इसमें थोड़ा और समय लग सकता है. जब कंपनी ने स्काई पावर के साथ भारत के सोलर सेक्टर में आक्रामक तरीके से बोली लगानी शुरू की थी तब विश्लेषकों ने इसे लेकर चिंता जताई थी.

विदेशी कंपनियों की बोली

तेलंगाना में लगाई गई बोली में सबसे कम बोली कनाडा की कंपनी स्काई पावर ने लगाई. कंपनी के पास 50 मेगावॉट की क्षमता वाले चार प्रोेजेक्ट हैं. स्काई पावर ने 5.17 और 5.37 रुपये प्रति यूनिट का टैरिफ कोट किया था.

मध्य प्रदेश में लगाई गई बोली में कनाडा की इस कंपनी ने 50 मेेगावॉट की क्षमता वाले तीन प्रोजेक्ट के लिए 5.05 और 5.29 रुपये प्रति यूनिट के रेंज में बोली लगाई थी. इन 300 मेगावॉट में 200 मेगावॉट की परियोजनाएं उन कंपनियों के पास है जिनकी पहुंच विदेशी फंड तक है.

आंध्र प्रदेश में 28 कंपनियों ने बोली लगाई थी. लेकिन एक कंपनी सन एडीशन ने सबसे ज्यादा पूरे 500 मेगावॉट की परियोजनाओं के लिए सबसे कम बोली लगाई थी. कंपनी ने 4.63 रुपये प्रति यूनिट की दर से बोली लगाई थी.

स्वच्छ ऊर्जा की मुहिम ने भारत को दुनिया के लिए सबसे बड़ा सोलर पावर का हब बना दिया है. सरकार 2022 तक 100 गिगावॉट सोलर एनर्जी की क्षमता विकसित करना चाहती है. यह जर्मनी की मौजूदा क्षमता से दोगुनी है जो दुनिया में सबसे अधिक सोलर एनर्जी का उत्पादन करता है. जर्मनी की कुल सोलर एनर्जी 39 गीगावॉट है.

यूपीए सरकार के कार्यकाल के दौरान यूएमपीपी प्रोजेक्ट्स की भी यही हालत हुई थी. रिलायंस पावर को सासन यूएमपीपी का टेंडर मिला था. कंपनी ने 25 सालों के लिए प्रति यूनिट 1.19 रुपये की दर से बोली लगाई थी. लेकिन बाद में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कोयले की कीमत बढ़ने के बाद कंपनी का लागत निकालने का तरीका गलत साबित हुआ. कंपनी अब यूएमपीपी के लिए टैरिफ बढ़ाने की अपील कर रही है.

टाटा पावर को मुंद्रा यूएमपीपी का ठेका मिला था और उसे भी इस तरह की समस्या का सामना करना पड़ा. कंपनी सरकार से पावर टैरिफ बढ़ाने की मांग कर रही है. हालांकि अभी दोनों ही यूएमपीपी काम कर रहे हैं लेकिन भारतीय संदर्भ में यह विचार पूरी तरह से असफल साबित हुआ. कंपनियां और सरकार दोनों ही इस प्रोजेक्ट को लेकर नकारात्मक रवैया रखती हैं.

क्या हैं लक्ष्य?

हालांकि इसमें फर्क हैं. यूएमपीपी के मामले में यूपीए सरकार ने विफल रही कंपनियों पर कोई जुर्माना नहीं लगाया था. लेकिन एनडीए सरकार अब अतीत की गलती से सबक लेते हुए टेंडर को रद्द किए जाने का प्रावधान डाल रही है.

कंपनियां अगर टेंडर मिलने के बाद एसपीवी या बिजली खरीद समझौते पर हस्ताक्षर नहीं करती हैं तो उन्हें अपना टेंडर गंवाना पड़ सकता है.

सन एडीशन अपनी बैंक गारंटी गंवाना शुरू कर चुकी है. अगर कोई अन्य कंपनी भी डेडलाइन पूरा नहीं कर पाती है तो उसे भी परिणाम भुगतने पड़ेंगे.

हालांकि बड़ा सवाल यह है कि बैंक गारंटी को जब्त करने से क्या सरकार के लक्ष्य पूरे हो जाएंगे? राज्य सरकार बैंक गारंटी जब्त कर अरबों रुपये बना सकती है लेकिन क्या केंद्र सरकार 2022 तक के 100 गीगावॉट के लक्ष्य को पूरा कर पाएगी?

First published: 13 July 2016, 13:14 IST
 
नीरज ठाकुर @neerajthakur2

सीनियर असिस्टेंट एडिटर, कैच न्यूज़. बिज़नेसवर्ल्ड, डीएनए और बिज़नेस स्टैंडर्ड में काम कर चुके हैं.

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