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स्‍टार्टअप इंडिया: धरातल पर नहीं उतर पाई पीएम मोदी की स्कीम, महज इतनी कंपनियों को मिला लाभ

कैच ब्यूरो | Updated on: 22 January 2019, 14:12 IST

मोदी सरकार की बहुप्रचारित स्टार्टअप इंडिया स्कीम के तहत लाभ प्राप्त करने वालों के आंकड़े चौकानें वाले आए हैं जिसने इस स्कीम की पोल खोल दी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी हमेशा से स्टार्टअप इंडिया को अपनी सरकार की बड़ी उपलब्धि बताते आए हैं और खुद से अपनी पीठ थपथपाते रहे हैं.

लेकिन स्टार्टअप इंडिया स्कीम के तहत शुरू किए गए 11,422 कंपनियों में से केवल 88 स्टार्टअप को औद्योगिक नीति और संवर्धन विभाग (डिपार्टमेंट ऑफ इंडस्ट्रियल पॉलिसी एंड प्रमोशन- डीआईपीपी) द्वारा इनकम टैक्स में छूट के लिए प्रमाणित किया गया है. डीआईपीपी की इस पॉलिसी से नए-नवेले हजारों कंपनियों को बड़ा झटका लगा है इससे उनका वित्तीय बोझ बढ़ जाएगा और घाटा का सामना करना पद सकता है.

यह आंकड़ा स्टार्टअप इंडिया स्कीम लांच होने के तीस महीनों के अंदर का है. 24 जुलाई 2018 तक अपडेट आंकड़ों के मुताबिक DIPP के पास उस तारीख तक प्राप्त 2,197 एप्लीकेशन में से केवल 88 स्टार्टअप को टैक्स में छूट देने के लिए प्रमाणित किया गया था. गौरतलब है कि स्टार्टअप इंडिया स्कीम के तहत दो पैरामीटर; बढ़े हुए आय और निवेश के अंतर्गत स्टार्टअप को टैक्स में छूट मिलती है. इन दोनों केटेगरी में स्टार्टअप कंपनी को टैक्स छूट का लाभ पाने के लिए DIPP द्वारा मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स को इंटर मिनिस्ट्रियल बोर्ड (IMB) के कड़े स्क्रीनिंग मैकेनिज्म से गुजरना पड़ता है. इस जटिल प्रक्रिया के कारण हजारों नई कंपनियों को टैक्स छूट से वंचित होना पड़ा.

First published: 22 January 2019, 13:13 IST
 
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