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कोरोना महामारी में लोन और दान पर जी रहे हैं PMC बैंक के जमाकर्ता, इलाज के भी पैसे नहीं

कैच ब्यूरो | Updated on: 26 August 2020, 10:21 IST

पंजाब और महाराष्ट्र सहकारी (PMC) के जमाकर्ताओं को अब दान और लोन के सहारे जीना पड़ रहा है. रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार फरवरी में 82 वर्षीय किशन लाल ने वित्त मंत्री से एक ट्वीट के जरिये मदद की अपील की थी कि वह अपनी किडनी और आंखें दान करने के लिए तैयार हैं यदि कोई व्यक्ति उनकी बेटी के इलाज के लिए पैसों की व्यवस्था करने में मदद कर दे, जिसे ब्रेन ट्यूमर था. लाल के पास पंजाब और महाराष्ट्र सहकारी (PMC) बैंक में 25 लाख से अधिक के मेडिकल संकट से निपटने के लिए पर्याप्त बचत थी लेकिन उस समय प्रत्येक खाते से सिर्फ 50,000 रुपये निकालने की अनुमति थी क्योंकि अधिकारी पीएमसी में धोखाधड़ी की जांच कर रहे थे. निकासी की सीमा अब 100,000 रुपये है.

लाल ने कहा ''जहां से भी मैं अपनी बेटी को बचा सकता था, मैंने अपनी बेटी को बचा लिया. अगर मैं अपने पैसे इस्तेमाल कर पाता तो मुझे शर्म नहीं आती." भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने पिछले साल सितंबर में पीएमसी पर नियंत्रण करने के बाद धोखाधड़ी और गैर-निष्पादित ऋणों को छिपाने का आरोप लगाया था. पीएमसी के शीर्ष अधिकारी और एक रियल्टी कंपनी के मालिक जिन्हें ऋण प्राप्त हुआ था, उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया. निकासी कैप ने पीएमसी के 900,000 से अधिक जमाकर्ताओं को मुश्किल में डाल दिया.


कुछ लोगो का कहना है कि अपने बच्चों की स्कूल फीस का भुगतान करने के लिए वह संघर्ष कर रहे हैं, अन्य का कहना है कि वे अपने किराने के सामान के लिए दोस्तों पर निर्भर हैं. पीएमसी बैंक के घटनाक्रम ने हजारों सहकारी बैंकों की चिंताओं को भी बढ़ाया है, जो अक्सर ग्रामीण इंटीरियर में समुदायों की सेवा करते हैं और भारत के कुल बैंकिंग क्षेत्र की संपत्ति का लगभग 11फीसदी या 220 बिलियन डॉलर की संपत्ति है. विश्लेषकों का मानना है कि इस महामारी का नाजुक सहकारी बैंकों पर अधिक स्पष्ट प्रभाव होने की संभावना है.

रिपोर्ट के अनुसार पीएमसी संकट ने अदालत की लड़ाई को भी बढ़ावा दिया है. संदीप भल्ला, जिनके माता-पिता के पास पीएमसी में लगभग 1 करोड़ रुपये हैं, ने दिल्ली हाईकोर्ट को बताया कि पीएमसी के जमाकर्ताओं के साथ यस बैंक की तुलना में भेदभाव किया गया. मार्च में RBI ने यस बैंक से निकासी पर 50,000 रुपये का कैप लगाया, लेकिन 24 घंटे से भी कम समय के बाद वित्त मंत्री ने घोषणा की कि भारत SBI, यस बैंक में पैसे डालेगा और निकासी पर अंकुश हटा दिया गया. 1984 में स्थापित, पीएमसी छह राज्यों में 137 शाखाओं के साथ एक क्षेत्रीय ऋणदाता है और पिछले साल तक इसमें 1.5 बिलियन डॉलर जमा थे. यस बैंक की देश में 1,000 से अधिक शाखाएं हैं.

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First published: 26 August 2020, 9:59 IST
 
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