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PNB Fraud: नीरव मोदी केस में CBI ने दाखिल की चार्जशीट, PNB की पूर्व चीफ उषा पर भी लगे आरोप

कैच ब्यूरो | Updated on: 15 May 2018, 12:29 IST

सरकार ने इलाहाबाद बैंक की मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) और प्रबंध निदेशक (MD) उषा अनंथसुब्रमण्यम को पद से हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी है. इसके साथ ही पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के दो कार्यकारी निदेशकों को हटाने की प्रक्रिया भी चल रही है. इन बड़े बैंक अधिकारियों पर यह कार्रवाई हीरा कारोबारी नीरव मोदी के साथ मिलकर पंजाब नेशनल बैंक में 13,400 करोड़ रुपये के ज्यादा के वित्तीय घोटाले के मामले में शामिल होने के संबंध में की जा रही है. गौरतलब है कि पीएनबी घोटाले में नीरव मोदी और मेहुल चौकसी (गीतांजलि जेम्स के मालिक) मुख्य आरोपी हैं.

सीबीआई की ओर से इस मामले में पहली चार्जशीट दाखिल करने के बाद वित्त मंत्रालय की ओर से यह कदम उठाया गया है. देश के सबसे बड़े इस बैंक घोटाले में पीएनबी निदेशक बोर्ड ने अपने दो कार्यकारी अधिकारियों वी ब्रह्माजी राव और संजीव शरण से सभी वित्तीय और कार्यकारी अधिकार वापस ले लिए हैं. इलाहाबाद बैंक बोर्ड भी आज अपनी CEO और MD उषा अनंथसुब्रमण्यम से सभी अधिकार वापस ले सकता है.

गौरतलब है कि उषा अनंथसुब्रमण्यम साल 2015 से मई 2017 तक पंजाब नेशनल बैंक की मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO)रही थीं. बता दें कि पीएनबी घोटाले की शुरुआत साल 2011 में हुई थी और यह घोटाला साल 2018 में खुलकर सामने आया.

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सीबीआई ने दाखिल की चार्जशीट

सीबीआई ने पीएनबी घोटाले में पहली आरोपपत्र / चार्जशीट दाखिल कर दी है और यह कदम सीबीआइ गिरफ्तार आरोपितों की रिहाई रोकने के लिए उठाया है. सबसे बड़े बैंकिंग घोटाले में नीरव मोदी और उसकी कंपनियों के साथ-साथ पीएनबी के वरिष्ठ अधिकारियों को भी आरोपी बनाया गया है.  आरोपपत्र में पीएनबी की तत्कालीन एमडी और सीईओ उषा अनंतसुब्रमण्यन की भूमिका का विस्तार से व्याख्या किया गया है. वर्तमान में उषा इलाहाबाद बैंक की एमडी और सीईओ हैं. इस चार्जशीट में फिलहाल मेहुल चोकसी और उसकी कंपनियों को शामिल नहीं किया गया है.

अपनी चार्जशीट में सीबीआई ने 80 से अधिक गवाहों, डिजिटल साक्ष्य और दस्तावेजों का हवाला दिया है जिसे जांच के दौरान सीबीआई ने जुटाए हैं. आरोपपत्र दाखिल होने के बाद वित्तीय सेवा सचिव राजीव कुमार ने कहा कि बैंक अधिकारियों को हटाने की कार्रवाई की जा रही है और तत्काल प्रभाव से उनके सारे अधिकार सीज कर दिए गए हैं.

सीबीआई ने उषा अनंतसुब्रमण्यन के अलावा सिंगल विंडो ऑपरेटर मनोज करात सहित बैंक के कुल 12 अधिकारियों और कंपनियों को आरोपित किया है. चार्जशीट में नीरव मोदी, उसके भाई निशाल मोदी, उसकी तीन कंपनियों, इन कंपनियों में काम करने वाले 7 कर्मचारियों पर आरोप लगाया गया है. इन कंपनियों को 6,500 करोड़ रुपये का एलओयू जारी किया गया था. मेहुल चोकसी की कंपनियों की खिलाफ भी जल्द ही चार्जशीट दाखिल की जाएगी.

First published: 15 May 2018, 12:29 IST
 
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