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PNB घोटाला : एक तरफ फ्रॉड, दूसरी तरफ CVC के हाथों दिया जा रहा था PNB को अवार्ड

कैच ब्यूरो | Updated on: 19 February 2018, 11:32 IST

एक तरफ पंजाब नेशनल बैंक में जहां अधिकारियों की मदद से पिछले सात साल से लगातार 11,400 करोड़ रुपये के फर्जीवाड़े को अंजाम दिया जा रहा था वहीं दूसरी ओर पंजाब नेशनल बैंक को तीन  साल से लगातार बैंकिंग एक्सीलेंस के लिए अवार्ड दिया जा रहा था. इनमें से दो पुरस्कार 2017 में दिए गए. इसी साल पीएनबी ने नीरव मोदी और उनके परिवार के स्वामित्व वाली कंपनियों को 293 LoUs जारी किए गए.

पीएनबी को यह अवार्ड खुद केंद्रीय सतर्कता आयुक्त (सीवीसी) के वी चौधरी ने दिया था.पिछले साल मार्च के दूसरे हफ्ते में, पीएनबी के मुख्य सतर्कता अधिकारी एस.के. नागपाल को आईपीई द्वारा आयोजित 'सतर्कता सम्मेलन' में चौधरी के हाथों से "कॉर्पोरेट सतर्कता पुरस्कार दिया गया था. उस्मानिया विश्वविद्यालय हैदराबाद में आयोजित इस घटना में चौधरी प्रमुख वक्ता थे.

अक्टूबर 2017 के अंत में केंद्रीय सतर्कता आयोग ने नई दिल्ली में सतर्कता जागरूकता सप्ताह का आयोजन किया था. जहां भ्रष्टाचार विरोधी कार्य के लिए विभिन्न सार्वजनिक उपक्रमों को पुरस्कार दिया गया था. आयोग की वेबसाइट के मुताबिक पीएनबी को उसकी अनुशासनात्मक कार्य के लिए सतर्कता उत्कृष्टता पुरस्कार दिया गया.

सीवीसी केवी चौधरी ने नागपाल को निर्धारित समय सीमा के भीतर कुल अनुशासनात्मक कार्यवाही के 92% को पूरा करने के लिए पुरस्कार प्रदान किया.

चौधरी ने अखबार द इंडियन एक्सप्रेस को बताया, ''मुझे वक्ता के रूप में वहां बुलाया गया था मेरे भाषण के बाद उन्होंने मुझसे कुछ प्रमाण पत्र वितरित करने के लिए अनुरोध किया था, जो मैंने किया'. संस्थान के प्रबंधन ने निर्धारित मानदंडों के आधार पर विजेताओं का चयन किया था."

सीवीसी ने पीएनबी के पीठ को सोमवार को बुलाया है ताकि नीरव मोदी घोटाले के सिलसिले में बैंक के कर्मचारियों द्वारा किए की गयी चूक के बारे में सवालों के जवाब मिल सके.

First published: 19 February 2018, 11:22 IST
 
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