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PNB घोटाला : 2011 से 2018 तक लूट के वो मामले जिन्होंने बैंकों को बना दिया कंगाल

कैच ब्यूरो | Updated on: 16 February 2018, 15:50 IST

आईआईएम-बैंगलोर के एक अध्ययन की माने तो देश में 2012 से 2016 के बीच बैंकिंग धोखाधड़ी के कारण देश के सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी) को कुल 227.43 अरब रुपये का नुकसान  हुआ है. सूचना-तकनीकी मंत्री रविशंकर प्रसाद मंत्री ने हाल ही में भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के आंकड़ों का हवाला देते हुए संसद में बताया, 21 दिसंबर, 2017 तक 1.79 अरब रुपये के बैंकिंग धोखाधड़ी के 25,600 से अधिक मामले सामने आए हैं.

पिछले मार्च में आरबीआई द्वारा जारी आंकड़े बताते हैं कि 2016-17 के पहले नौ महीनों में बैंक धोखाधड़ी के 455 मामले सामने आये. जबकि अप्रैल और दिसंबर 2016 के बीच, कुल 3,870 धोखाधड़ी के मामले सामने आये जो 177.50 अरब रुपये से जुड़े थे. इनमे 450 निजी और सार्वजनिक क्षेत्र के कर्मचारियों भी शमिल थे. हम आपको बता रहे हैं कि 2011 से अब तक बैंक धोखाधड़ी के कितने बड़े मामले सामने आये.

  • 2011 में सीबीआई ने बैंक ऑफ महाराष्ट्र, सेंट्रल बैंक, ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स और आईडीबीआई के कुछ अधिकारियों ने 10,000 फर्जी अकाउंट बनाये और 1.5 अरब रुपये का ऋण हस्तांतरित किया.
  • 2014 में मुंबई पुलिस ने कई सार्वजानिक बैंकों के अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की. इन्होने 7 करोड़ रुपये से ज्यादा का फर्जीवाड़ा किया था. इलेक्ट्रोथर्म इंडिया ने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के साथ 4.36 अरब रुपये से ज्यादा की धोखाधड़ी की.
  • कोलकाता के एक उद्यमी बिप्पीन वोहरा ने कथित तौर पर नकली दस्तावेज का इस्तेमाल करके सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया को1.4 अरब रुपये का लोन लिया.
  • 2015 में  जैन इन्फ्राप्रोजेक्ट्स के कर्मचारियों द्वारा सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया पर 2.12 अरब रुपये की कथित धोखाधड़ी का आरोप लगा.
  • विभिन्न बैंकों के कर्मचारियों ने विदेशी विनिमय घोटाले में 60 अरब रुपये की धोखाधड़ी. जिसमें डमी हांगकांग निगम शामिल था.
  • 2016 में  सिंडिकेट बैंक के साथ चार लोगों द्वारा 386 खाते खोले गए. जिसमे नकली चेक, क्रेडिट कार्ड और एलआईसी पॉलिसी का उपयोग करके 10 अरब रुपये की धोखाधड़ी की गयी.
  • 2017 में सीबीआई ने विजय माल्या और दस अन्य के खिलाफ आईडीबीआई बैंक से 9.5 अरब डॉलर का लोन न चुकाने के मामले मेंचार्जशीट तैयार की.
  • सीबीआई ने डेक्कन क्रॉनिकल होल्डिंग्स के खिलाफ पांच सार्वजनकि बैंकों और छह के खिलाफ चार्जशीट दर्ज की, जिससे 11.61 अरब डॉलर का नुकसान हुआ.
  • कोलकाता के बिजनेस टाइकून निलेश पारेख को 20 बैंकों से 22.23 अरब रुपये की धोखाधड़ी के मामले में सीबीआई ने गिरफ्तार किया। सीबीआई ने अभिजीत ग्रुप के प्रमोटरों और केनरा बैंक के पूर्व डीजीएम को गिरफ्तार किया, जिसके कारण 2 पब्लिक सेक्टर बैंकों को 2.9 अरब रुपये का नुकसान हुआ.
  • सीबीआई ने बैंक ऑफ महाराष्ट्र के पूर्व क्षेत्रीय प्रमुख और सूरत में एक निजी कंपनी के एक निदेशक के खिलाफ केस दर्ज किया। जो 8.36 अरब रुपये का घोटाला था.
  • 2018 में  प्रवर्तन निदेशालय ने 5 अरब डॉलर के बैंक धोखाधड़ी के मामले में आंध्रबैंक के पूर्व निदेशक को गिरफ्तार किया।जिसमें गुजरात स्थित एक दवा कंपनी भी शामिल थी.
First published: 16 February 2018, 15:48 IST
 
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