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मोदी सरकार की नोटबंदी-GST से घर चाहने वालों को होगा बंपर फायदा

कैच ब्यूरो | Updated on: 11 January 2018, 12:01 IST

8 नवंबर 2016 को मोदी सरकार ने नोटबंदी की घोषणा की थी. इसके बाद देशभर में इसका विरोध देखने को मिला था. इसके लगभग 8 महीने बाद मोदी सरकार ने GST लागू की तो भारतीय बाजार में तूफान मच गया था. लेकिन अब समय बीतने के बाद नोटबंदी और GST के फायदे सामने आने लगे हैं. नोटबंदी, GST और रेरा जैसे नियम लागू होने के बाद प्रॉपर्टी की कीमतों में लगातार गिरावट आ रही है.

टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार, साल 2017 में नोटबंदी, GST और रेरा जैसे नियम लागू होने से प्रॉपर्टी की कीमतों में भारी गिरावट आई है. नाइटफ्रैंक इंडिया रियल इस्टेट की छमाही रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि प्रॉपर्टी की कीमतें पिछले साल मुबई में 5% तो पुणे में 3% घटीं. वहीं दिल्ली NCR, बंगलुरु और चेन्नई जैसे शहरों में घर खरीदारों की संख्या 6 से 26% तक कम हो गई है.

पिछले साल भी कीमतों में औसतन 2 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है. घरों की कीमत गिरने के पीछे की मुख्य वजह मांग में कमी को बताया जा रहा है. बता दें कि बेंगलुरु, दिल्ली-एनसीआर और चेन्नई में घरों की बिक्री में क्रमशः 26, 6 और 20 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है. हालांकि मुंबई और पुणे में घरों की खरीदारी में थोड़ी तेजी दिखी है.

रिपोर्ट के मुताबिक महाराष्ट्र में रेरा के ठीक से लागू होने के बाद मुंबई और पुणे में घरों की बिक्री में क्रमशः 3 और 5 फीसदी का इजाफा देखने को मिला है. बता दें कि बिक्री नहीं होने की वजह से आवासीय घरों के नए प्रॉजेक्ट्स की लॉन्चिंग में भी कमी देखी गई है. पिछले साल नए प्रॉजेक्ट्स की लॉन्चिंग में दिल्ली-एनसीआर में 56 फीसदी और बेंगलुरु में 41 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है. इसने रियल इस्टेट सेक्टर को बुरी तरह से प्रभावित किया है. प्रॉपर्टी कंसल्टेंट नाइटफ्रैंक इंडिया के मुताबिक एनसीआर में पिछले साल केवल 37653 यूनिट ही बेचे जा सके हैं.

2016 में जहां नए प्रॉजेक्टस में सस्ते घरों की हिस्सेदारी 53 फीसदी थी वहीं 2017 में यह बढ़कर 83 फीसदी हो गई. डिवेलपर्स भी 50 लाख तक की कीमत वाले घरों पर फोकस कर रहे हैं. बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मिलने वाली सब्सिडी और ज्यादा मांग की वजह से सस्ते घरों के ज्यादा प्रॉजेक्ट लॉन्च किए गए.

रेरा है मुख्य वजह

बुधवार को नाइट फ्रैंक इंडिया रियल इस्टेट ने (जुलाई-दिसंबर, 2017) की छमाही रिपोर्ट पेश की. मुख्य अर्थशास्त्री एवं नाइट फ्रैंक के राष्ट्रीय निदेशक समंतक दास ने कहा कि 10 साल में ऐसा पहली बार हुआ है कि मुंबई महानगर में घरों की कीमतों में गिरावट आई है. इसके पीछे की मुख्य वजह रियल इस्टेट में कई नियमों का लागू होना है. इमें सबसे अहम रियल इस्टेट रेगुलेटरी ऐक्ट (रेरा) का लागू होना है.

First published: 11 January 2018, 12:01 IST
 
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