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क्यों भारत के सरकारी बैंकों की 70 विदेशी शाखाओं पर जल्द लग सकते हैं ताले ?

कैच ब्यूरो | Updated on: 23 July 2018, 12:53 IST

सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को लागत में कटौती और पूंजी बचाने के लिए इस साल के अंत तक कुल 216 विदेशी शाखाओं और अन्य परिचालनों में से 70 को बंद करना पड़ सकता है. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार यह जानकारी वित्त मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने दी है. इनमे स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक, आईडीबीआई बैंक और बैंक ऑफ इंडिया इसमें शामिल हैं.

ऐसे बैंक जिनसे मुनाफा नहीं मिल पा रहा है उनमे ओमान, संयुक्त अरब अमीरात जैसे खाड़ी देशों में स्थित बैंक शामिल हैं. अब तक ये बैंक 37 विदेशी शाखाओं का परिचालन बंद कर चुके हैं और साल के अंत तक 60-70 का संचालन बंद कर देंगे.

 

अधिकारी ने कहा कि कई पूर्ण शाखाओं को बंद करने के लिए बैंक पहले ही विनियामक अनुमोदन प्राप्त करने की प्रक्रिया में हैं.एसबीआई ने छह विदेशी शाखाएं बंद कर दी हैं जबकि श्रीलंका और फ्रांस में कुछ शाखाओं को प्रतिनिधि कार्यालयों में परिवर्तित किया जा रहा है. देश का सबसे बड़ा ऋणदाता नौ और परिचालनों को बंद करने की योजना बना रहा है.

कुछ बैंक दुबई, शंघाई, जेद्दाह और हांगकांग में अपने परिचालन बंद कर चुके हैं. बैंक छोटी शाखाओं में बड़े पैमाने पर विलय कर रहे हैं और विदेशी संयुक्त उद्यम में इक्विटी हिस्सेदारी को मजबूत कर रहे हैं. पिछले साल घोषित बैंकों में 2.11 लाख करोड़ रुपये के पूंजी निवेश के हिस्से के रूप में सरकार ने उन्हें अन्य उपायों की श्रृंखला के बीच विदेशी शाखा संचालन को तर्कसंगत बनाने के लिए कहा था.

पिछले साल रिकॉर्ड घाटे और बैड लोन बढ़ने से ज्यादातर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के वित्तीय असर पड़ा, जिनमें से 11 भारतीय रिजर्व बैंक के शीघ्र सुधार कार्यवाही (पीसीए) के तहत हैं.

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First published: 23 July 2018, 12:53 IST
 
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