Home » बिज़नेस » Q1 GDP growth soars to 9-quarter high of 8.2%, The services sector grew at a slightly slower pace of 7.3% in Q1FY19
 

हाथी ने दौड़ना शुरू किया, अप्रैल-जून तिमाही में देश की जीडीपी 8.2 फीसदी के पार

कैच ब्यूरो | Updated on: 1 September 2018, 11:49 IST

मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के शानदार प्रदर्शन के कारण देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जून तिमाही में 8.2 फीसदी रही. यह 9 तिमाहियों में सबसे ज्यादा है. वित्त वर्ष 2018 की चौथी तिमाही में जीडीपी वृद्धि दर 7.7 फीसदी रही थी. अब अप्रैल-जून तिमाही में भारत दुनिया में सबसे तेजी से विकास करने वाली अर्थव्यवस्था बन गया है. जबकि चीन की विकास दर पहली तिमाही में घटकर 6.7 फीसदी रही.

इस विकास दर में विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि दर 13.5 फीसदी यानी सबसे अधिक रही. हालांकि सर्विस सेक्टर की वृद्धि दर धीमी रही. बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट के अनुसार वित्त सचिव हसमुख अधिया का कहना है कि 'पहली तिमाही में 8.2 फीसदी जीडीपी वृद्घि दर से स्पष्ट संकेत मिलता है कि वस्तु एवं सेवा कर सहित विभिन्न सुधारों का अब प्रतिफल मिलने लगा है. विनिर्माण क्षेत्र में वृद्धि सुधार को दर्शाती है.'


जीएसटी और नोटबंदी बाद विकासदर पर बड़ा असर पड़ा था. वित्त वर्ष 2018 की पहली तिमाही में विनिर्माण गतिविधियों में 1.8 फीसदी की गिरावट आई थी. रेटिंग एजेंसी 'केयर रेटिंग' के मुख्य आर्थशास्त्री मदन सबनविस ने का कहना है "उत्पादन, निर्माण और कृषि के क्षेत्र में सुधार हुआ है. इस सुधार ने आर्थिक वृद्धि में मदद की."

हालांकि कुछ का यह भी कहना है कि अगर इस दर के साथ-साथ राजस्व में बढ़ोतरी नहीं होती है तो इससे राजकोषीय घाटे पर दबाव पड़ेगा. इस तिमाही के दौरान बाज़ार में कोई खास निवेश देखने को नहीं मिला. साथ ही उच्च दर, कमज़ोर रुपये और तेल की बढ़ती किमतों जैसी चुनौतियां भी रहीं. आने वाली तिमाहियों के दौरान वृद्धि दर में कुछ दिख सकता है''.

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First published: 1 September 2018, 11:49 IST
 
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