Home » बिज़नेस » questions raised after the death of Siddhartha - income tax officials harassing before questioning
 

VG सिद्धार्थ की मौत के बाद उठे सवाल- क्या टैक्स अधिकारी पूछताछ से पहले उत्पीड़न कर रहे हैं

सुनील रावत | Updated on: 1 August 2019, 17:48 IST

भारत के कॉफी किंग वीजी सिद्धार्थ की मौत के बाद बिजनेस लीडर्स में एक तरह का गुस्सा देखा जा रहा है. सिद्धार्थ के गायब होने के बाद से सोशल मीडिया में घूम रहे एक कथित पत्र में सिद्धार्थ में कहा था कि उन्हें टैक्स अधिकारियों द्वारा परेशान किया जा रहा था. सिद्धार्थ के करीबी सहयोगी और श्रृंगेरी के विधायक टीडी राजेगौड़ा ने कहा था कि आयकर अधिकारियों ने सिद्धार्थ का उत्पीड़न किया.

राजेगौड़ा ने कहा, "वह मेरा करीबी दोस्त था. पिछले 40 सालों से हम उसके करीबी सहयोगी हैं. चार-पांच दिन पहले वह आयकर की प्रताड़ना को लेकर परेशान था. अगर वह परेशान नहीं होता तो वह बच जाता." सिद्धार्थ ने यह भी आरोप लगाया था कि उन्हें पिछले महानिदेशालय, आयकर द्वारा परेशान किया जा रहा था

 

गौरतलब है कि पीएम मोदी की अगुवाई वाली सरकार ने पिछले पांच सालों में टैक्स चोरी के मामलों में बड़ी सख्ती दिखाई है. रॉयटर्स की एक रिपोर्ट की माने तो कॉफी डे एंटरप्राइजेज लिमिटेड के संस्थापक के गायब होने से पहले आये पत्र में टैक्स कलेक्टर्स किये जा रहे उत्पीड़न को इंडियन आईटी दिग्गज मोहनदास पाई ने टैक्स टेरिरिज्म करार दिया था.

वीजी सिद्धार्थ का जो पत्र सामने आया अभी उसकी प्रामाणिकता को सत्यापित नहीं किया गया है लेकिन कंपनी के बोर्ड ने कहा कि वह पत्र की सामग्री को गंभीरता से ले रहा है और पूरी तरह से जांच करेगा. भारत का आयकर विभाग वित्त मंत्रालय का हिस्सा, जिसका कहना है कि उसने सिद्धार्थ और कॉफी श्रृंखला की अपनी जांच में कानून के अनुसार काम किया है, और इसकी जांच एक गुप्त लेनदेन के विश्वसनीय सबूतों पर आधारित थी.

 

रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार उद्योग जगत के अधिकारियों और वकीलों सहित ने रायटर को बताया कि भारतीय एजेंसियों और कर निरीक्षकों द्वारा की गई जांच में अक्सर व्यापारिक लीडर्स का उत्पीड़न किया जाता है. रिपोर्ट के अनुसार बायोटेक फर्म बायोकॉन लिमिटेड (BION.NS) की प्रबंध निदेशक किरण मजुमदार-शॉ ने कहा कि वह कई उद्योगपतियों को जानती हैं, जिन्हें भारतीय प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा बुलाया गया और पूछताछ शुरू होने से पहले लंबे समय तक उनके साथ अपमानजनक व्यवहार किया गया.

उन्होंने कहा “लोगों को 24 घंटे, 12 घंटे, 16 घंटे इंतजार करवाया जाता है. 2014 में मोदी के सत्ता में आने के बाद उन्होंने धोखाधड़ी और कर चोरी को एक शीर्ष लक्ष्य बना दिया है, सरकार का कहना है कि वह नीति निर्माताओं और अमीर पूंजीपतियों की सांठगांठ को ख़त्म करना चाहते हैं. उनके प्रशासन ने बैंकों और भारी ऋणग्रस्त व्यवसायों को लक्षित किया है और अन्य देशों में छिपे हुए अमीर भगोड़ों को ट्रैक किया है''.

'इनकम टैक्स के टॉर्चर से परेशान थे CCD मालिक वीजी सिद्धार्थ'

First published: 1 August 2019, 17:40 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी