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मोदी सरकार को शक्तिकांत दास वो तोहफा देंगे जो राजन और पटेल नहीं दे पाए ?

कैच ब्यूरो | Updated on: 13 December 2018, 16:09 IST

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) के नए गवर्नर शक्तििकांत दास को सरकार के बारे में अपनी पहली टिप्पणी के लिए आरएसएस के थिंकटैंक और आरबीआई बोर्ड के सदस्य एस गुरुमूर्ति, का समर्थन मिला है. दास ने अपनी पहली प्रेस बातचीत में कहा कि सरकार और आरबीआई के बीच संवाद की जरूरत है.

उन्होंने कहा कि सरकार सिर्फ एक हितधारक नहीं है, बल्कि वह देश की अर्थव्यवस्था चलाती है और नीतियों का प्रबंधन करती है. गुरुमूर्ति ने गुरुवार को एक लेख पर ट्वीट किया, जिसमें कहा गया है कि 'सरकार सिर्फ एक हितधारक नहीं बल्कि देश, अर्थव्यवस्था भी चलाती है.'

गुरुमूर्ति ने ट्वीट किया, "यह सही विचार है. यह सरकार बनाम भारतीय रिजर्व बैंक नहीं है. यह सरकार और आरबीआई है." अगस्त में आरबीआई के बोर्ड में नियुक्त किये गए गुरुमूर्ति को आश्चर्य हुआ था जब उर्जित पटेल ने आरबीआई के गवर्नर के रूप में इस्तीफा दे दिया. उन्होंने कहा कि "पिछली बैठक इतनी सौहार्दपूर्ण वातावरण में आयोजित की गई थी, यह आश्चर्य की बात है. सभी निदेशकों ने कहा कि मीडिया ने गलत धारणा बनाई है जबकि अंदर यह बिल्कुल अलग था.

 

इससे यह और भी आश्चर्यजनक हो जाता है. रिपोर्टों के मुताबिक गुरुमूर्ति ने पहले आरबीआई के डिप्टी गवर्नर विरल आचार्य द्वारा दिए गए बयान की शिकायत की थी. इस बीच दास ने कृषि ऋण छूट योजना पर अपना विचार साझा करने से इनकार कर दिया. दो पूर्ववर्ती रघुराम राजन और उर्जित पटेल ने क्रेडिट अनुशासन पर हानिकारक प्रभाव के कारण ऐसी योजनाओं का विरोध किया था.

अप्रैल-मई 2019 में लोकसभा चुनावों के चलते केंद्र सरकार किसानों के लिए ऋण छूट योजना को बढ़ा रही है. जबकि बैंकों को केंद्र और राज्य द्वारा मुआवजे मिलते हैं, जो इस तरह की योजना की घोषणा करते हैं.

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First published: 13 December 2018, 16:08 IST
 
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