Home » बिज़नेस » Raghuram Rajan says he was not aware of demonetisation date,even returned to India to exchange notes.
 

रघुराम राजन: नोट बदलवाने के लिए US से भारत आना पड़ा

कैच ब्यूरो | Updated on: 8 September 2017, 13:54 IST

भारतीय रिज़र्व बैंक के पूर्न गर्वनर रघुराम राजन ने नोटबंदी को लेकर महत्वपूर्ण बयान दिया है. उन्होंने कहा कि उन्हें आठ नवंबर 2016 को लागू की गई नोटबंदी के बारे में कोई जानकारी नहीं थी. इतना ही नहीं रघुराम राजन ने कहा कि उन्हें नोट बदलवाने के लिए खुद अमेरिका से भारत वापस आना पड़ा था.

रघुराम राजन मे अपनी किताब के सिलसिले में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान ये बातें कहीं. नोटबंदी लागू करने पर उन्होंने कहा कि वो कभी इसके पक्ष में नहीं थे, क्योंकि उनका मानना था कि नोटबंदी की तात्कालिक लागत इसके दीर्घकालिक फायदों पर भारी पड़ती है.

गौरतलब है कि आरबीआई के गर्वनर पद पर राजन का तीन साल का कार्यकाल चार सितंबर 2016 को पूरा हो गया. इसके करीब एक महीने बाद मोदी सराकर ने आठ नवंबर 2016 को पूरे देश में नोटबंदी की घोषणा की थी, जिसके तहत 500 व 1000 रुपये के मौजूदा नोटों को चलन से बाहर कर दिया गया. 

राजन ने कहा कि जीडीपी वृद्धि को बल देने के लिए भारत को तीन क्षेत्रों बुनियादी ढांचा, बिजली व निर्यात पर फोकस करना चाहिए. वहीं पूर्व आरबीआई गवर्नर रघुराम राजन ने NDTV को दिए इंटरव्यू में कहा कि, 'अप्रत्याशित नोटबंदी  से अर्थव्यवस्था पर गहरा प्रभाव देखने को मिल सकता है.

उन्होंने कहा कि इससे नाटकीय रूप से अर्थव्यवस्था में गिरावट देखने को मिल सकती है. इसके अलावा, कंपनियों का धंधा चौपट हो सकता है'. अपने दूसरे कार्यकाल के सवाल पर राजन ने कहा कि वह दूसरा कार्यकाल चाहते थे लेकिन सरकार ने इसमें दिलचस्पी नहीं दिखाई.

First published: 8 September 2017, 13:54 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी