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रघुराम राजन ने क्यों कहा -RBI बोर्ड को राहुल द्रविड़ की तरह होना चाहिए सिद्धू की तरह नहीं

कैच ब्यूरो | Updated on: 6 November 2018, 12:52 IST

 

केंद्रीय बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने एक साक्षात्कार में एक टीवी चैनल से कहा कि आरबीआई बोर्ड का उद्देश्य संस्थान की रक्षा करना, सही सलाह देना है न कि दूसरों के हितों की सेवा करना. उन्होंने कहा कि बोर्ड का काम एक समझदार सलाह प्रदान करना है. राजन ने एक उदाहरण देने हुए कहा कि बोर्ड को राहुल द्रविड़ की तरह होना चाहिए नवजोत सिंह सिद्धू की तरह नहीं. फ़िलहाल राजन शिकागो बूथ स्कूल ऑफ बिजनेस में वित्त के प्रोफेसर के रूप में कार्यरत हैं.

सरकार और आरबीआई के बीच चल रहे संघर्ष पर बोलते हुए उन्होंने कहा "एक बार जब आप गवर्नर या डिप्टी गवर्नर नियुक्त कर लेते हैं, तो आपको उनकी बात सुननी चाहिए." उन्होंने कहा कि वह आरबीआई की स्वायत्तता के समर्थन में विरल आचार्य की चेतावनी की सराहना करते हैं. पूर्व गवर्नर ने कहा, "आरबीआई की स्वायत्तता के समर्थन में चेतावनी के लिए विरल आचार्य की सराहना की जानी चाहिए," दोनों पक्षों के इरादे का सम्मान करते हुए सरकार और आरबीआई के बीच गड़बड़ी का समाधान किया जा सकता है.

इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट की माने तो केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने आरबीआई से उसके कुल रिजर्व 9.59 लाख करोड़ में से 3.6 लाख करोड़ के सरप्लस की मांग की थी. यह राशि केंद्रीय बैंक के कुल 9.59 लाख करोड़ रुपये के भंडार की एक तिहाई से अधिक है. मंत्रालय ने सुझाव दिया है कि आरबीआई और सरकार इस सरप्लस का संयुक्त रूप से देखरेख कर सकते हैं.

 

दूसरी और आरबीआई का मानना है कि सरकार की इस मांग से देश की अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ेगा और यही कारण है कि आरबीआई ने इस प्रस्ताव को मंजूरी नहीं दी है. भारतीय रिजर्व बैंक सरकार द्वारा उसके रिजर्व में इस प्रयास को हस्तक्षेप करने के रूप में देखता है, जिससे मैक्रो-इकोनॉमिक स्थिरता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है.

वित्त मंत्रालय का तर्क है कि वर्तमान ढांचा आरबीआई द्वारा जुलाई 2017 में एकतरफा बनाया गया था क्योंकि बैठक में दोनों सरकार के नामांकित उम्मीदवार उपस्थित नहीं थे. सरकार ने इस ढांचे में प्रवेश नहीं किया और तब से लगातार आरबीआई के साथ चर्चा की मांग कर रहा है. सरकार आरबीआई से 3.6 लाख करोड़ रुपये चाहती है, जो उसका एक तिहाई भण्डार है. भारतीय रिजर्व बैंक को लगता है कि केंद्रीय बैंक रिजर्व का उपयोग करना नुकसानदायक है.

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First published: 6 November 2018, 12:52 IST
 
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