Home » बिज़नेस » Railways Recruitment Board (RRB) has received more than 24 million applications for roughly 120,000 vacancies
 

सरकारी नौकरी चाहता है 'यंग इंडिया', RRB परीक्षा के लिए आये ढाई करोड़ आवेदन

कैच ब्यूरो | Updated on: 22 August 2018, 16:31 IST

यह दुनिया की सबसे बड़ी परीक्षाओं में से एक है. लाखों आवेदक इस महीने भारतीय रेलवे द्वारा आयोजित ऑनलाइन भर्ती परीक्षा में शामिल होंगे. रेलवे भर्ती बोर्ड (आरआरबी) को संगठन ने लगभग 120,000 रिक्तियों के लिए 2 करोड़ 40 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं. देशभर में सरकारी विभागों द्वारा अधिकांश भर्ती अभियान नौकरी तलाशने वालों के बीच समान उत्साह उत्पन्न करते हैं.

सरकारी नौकरी के लिए आयोजित होने वाली इन परीक्षाओं में स्नातक से पीएचडी तक पढ़े हजारों आवेदकों का शमिल होना आम बात है. सेंटर फॉर द स्टडी ऑफ डेवलपिंग सोसाइटीज (सीएसडीएस) के लोकनीति रिसर्च प्रोग्राम द्वारा आयोजित राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधि युवा सर्वेक्षणों के डेटा से पता चलता है कि देश में सरकारी नौकरी पाने के आकर्षण में बीते एक दशक में कोई गिरावट के संकेत नहीं है. दरअसल 2016 में सरकारी नौकरी पसंद करने वाले युवाओं का हिस्सा थोड़ा बढ़कर 65% हो गया.

2007 और 2016 में किए गए सर्वेक्षण के दो राउंड के बीच एक निजी नौकरी पसंद करने वाले युवाओं का हिस्सा करीब 7% तक पहुंच गया है. जो लोग अपने उद्यम शुरू करना चाहते हैं, उनका हिस्सा इसी अवधि में मामूली रूप से 19% तक बढ़ा है. 2007 और 2016 के सर्वेक्षणों में क्रमश: 5,513 और 6,122 व्यक्ति शामिल थे. इसमें 15-से 34 वर्षों के आयु वर्ग के व्यक्तियों से सवाल किये गए थे.

जब नौकरी प्राथमिकताओं की बात आती है तो ग्रामीण और शहरी युवा शायद ही अलग होते हैं. लेकिन बड़े शहरों में युवाओं का हिस्सा जो सरकारी नौकरी पसंद करते हैं, 2007 और 2016 के बीच तेज वृद्धि दर्शाते हैं. बड़े शहरों में सरकारी नौकरियों के लिए बढ़ती प्राथमिकता को स्थिरता की तलाश के साथ-साथ निजी और सार्वजनिक क्षेत्र के बीच घटती आय अंतर, विशेष रूप से प्रवेश स्तर की नौकरियों में प्रेरित किया जा सकता है.

यहां बड़े शहरों में भारत के 10 सबसे अधिक आबादी वाले शहर (दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, हैदराबाद, बेंगलुरू, अहमदाबाद, जयपुर, सूरत और पुणे) शामिल हैं. आठ राज्यों में फैले हुए हैं और 11 अन्य राज्यों के सबसे अधिक आबादी वाले शहरों में सर्वेक्षण किया गया है. अन्य शहरों को विश्लेषण में छोटे शहरों के रूप में वर्गीकृत किया गया है.

सभी समूहों में कॉलेज-शिक्षित ग्रामीण युवाओं (82%) के बीच सरकारी नौकरियों के लिए प्राथमिकता सबसे ज्यादा है. यह वह खंड है जो नए समूहों को आरक्षण लाभ बढ़ाने के लिए हाल के आंदोलनों में सबसे आगे रहा है.

ये भी पढ़ें : पेट्रोल-डीजल नहीं आएंगे GST के दायरे में, आखिर क्यों तैयार नहीं हैं केंद्र और राज्य ?

First published: 22 August 2018, 16:29 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी