Home » बिज़नेस » RBI board Meeting: RBI agreed to work out a loan restructuring scheme for SMEs for a loan exposure
 

9 घंटे से ज्यादा चली RBI बोर्ड की मीटिंग लेकिन नहीं सुलझ पाया पूरा विवाद

कैच ब्यूरो | Updated on: 20 November 2018, 10:08 IST

 

सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक के बीच सोमवार को तकरीबन घंटे मीटिंग चली. सरकार और आरबीआई के बीच जिन मुद्दों पर विवाद था उन्हें सुलझाने के लिए एक समिति का गठन किया गया है. सरकार की मांग कर रही थी कि उसे आरबीआई के रिज़र्व फ़ंड से अधिक रिजर्व मिलना चाहिए. अब इस पर फैसला एक विशेष समिति करेगी. इसके अलावा सरकार ने मांग की थी कि प्रॉम्प्ट करेक्टिव एक्शन (पीसीए) के अंकुश से 11 सरकारी क्षेत्र के बैंकों को बाहर निकाला जाये या उन्हें ढील दी जाये.

अब इस मामले को आरबीआई की ही एक आंतरिक समिति को सौंप दिया गया है. एक अन्य महत्वपूर्ण मुद्दा जिस पर विवाद था यह था सूक्ष्म, छोटे व मझोले उद्योगों (एमएसएमई) को ज्यादा कर्ज़ देने का मामला. रिपोर्ट के अनुसार आरबीआई ने इस मुद्दे पर सरकार को आश्वासन दिया है. आरबीआई बोर्ड की अगली बैठक अब 14 दिसंबर 2018 आयोजित की जाएगी.

 

सरकार ने आरबीआई बोर्ड में - एस गुरुमूर्ति, सुभाष चंद्र गर्ग और राजीव कुमार को निदेशक नियुक्त किया है. 15 नवंबर को गुरुमूर्ति ने कहा था कि आरबीआई और केंद्र के बीच झगड़ा कोई अच्छी बात नहीं है. गुरुमूर्ति राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के आर्थिक विंग, स्वदेशी जगरन मंच के साथ काम कर चुके हैं.

इससे पहले खबर आयी थी कि केंद्र आरबीआइ से और फंड चाहता है. लेकिन 9 नवंबर को आर्थिक मामलों के सचिव सुभाष चंद्र गर्ग ने यह रिपोर्ट खारिज कर दी थी जिसमें सुझाव दिया गया था कि सरकार ने केंद्रीय बैंक के रिजर्व से 3.6 लाख करोड़ रुपये की मांग की थी.

ये भी पढ़ें : इस हफ्ते आ रही हैं तीन छुट्टियां, जानिए कहां कितने दिन बंद रहेंगे बैंक

First published: 20 November 2018, 10:08 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी