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उपभोक्ताओं को आरबीआई का तोहफा, सस्ती हुई ब्याज दरें

कैच ब्यूरो | Updated on: 4 October 2016, 14:51 IST
QUICK PILL
  • रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने रेपो दर में 25 आधार अंकों की कटौती की है. उर्जित पटेल के गवर्नर बनने के बाद आरबीआई की मौद्रिक समिति की पहली बैठक में ब्याज दरों में कटौती का फैसला लिया गया. कटौती के बाद अब रेपो रेट 6.25 फीसदी हो गया है. 
  • आरबीआई के ब्याज दरों में कटौती किए जाने के बाद आने वाले दिनों बैंक कर्ज और ईएमआईर् के सस्ता होने की उम्मीद है. उर्जित पटेल के दरों को कम किए जाने का फैसला त्योहारी सीजन के पहले उपभोक्ताओं को मिला बड़ा तोहफा है.

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने रेपो दर में 25 आधार अंकों की कटौती की है. उर्जित पटेल के गवर्नर बनने के बाद आरबीआई की मौद्रिक समिति की पहली बैठक में ब्याज दरों में कटौती का फैसला लिया गया. कटौती के बाद अब रेपो रेट 6.25 फीसदी हो गया है. 

आरबीआई के ब्याज दरों में कटौती किए जाने के बाद आने वाले दिनों बैंक कर्ज और ईएमआई के सस्ता होने की उम्मीद है. रिजर्व बैंक द्वारा दरों को कम किए जाने का फैसला त्योहारी सीजन के पहले उपभोक्ताओं को मिला बड़ा तोहफा है.

रघुराम राजन के जाने के बाद भारतीय रिजर्व बैंक  (आरबीआई)  की समिति ने ब्याज दरों के बारे में फैसला लिया है. अभी तक रिजर्व बैंक  ब्याज दरों को तय करने के मामले में सलाह लिया करता था लेकिन दरों को लेकर आखिरी फैसला आरबीआई गवर्नर का ही होता था.

उर्जित पटेल की अध्यक्षता में बनी मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) पहली बार ब्याज दरों को लेकर फैसला लिया. आरबीआई के नए गवर्नर उर्जित पटेल ब्याज दरों के बारे में फैसला लेने वाली 6 सदस्यीय समिति के सदस्य हैं. मौद्रिक समिति ने एकमत से ब्याज दरों में कटौती का फैसला लिया.

 आरबीआई ब्याज दरों को तय करने के मामले में खुदरा महंगाई दर को ध्याान में रखता है. अगस्त 2016 में खुदरा महंगाई दर 5.05 फीसदी रही है जो पिछले छह महीने का निम्नतम स्तर है. इसके अलावा  मानसून के बेहतर रहने की वजह से निकट भविष्य में खाद्य महंगाई दर के बढ़ने की उम्मीद कम ही है. 

महंगाई दर में आई नरमी और बेहतर मानसून की वजह से बाजार को आरबीआई से ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद थी.

बैंकिंग शेयरों में बढ़त

आरबीआई की समीक्षा बैठक से पहले सोमवार को बाजार में करीब 400 से अधिक अंकों की तेजी आई थी. सेंसेक्स और निफ्टी में आई तेजी की वजह बैंकिंग शेयरों में हुई जबरदस्त खरीदारी थी.

मौद्रिक नीति की समीक्षा बैठक से पहले बीएसई बैंकिंग इंडेक्स में मामूली तेजी देखने को मिल रही थी लेकिन ब्याज दरों में कटौती के बाद बैंकिं ग शेयरों में जबरदस्त खरीदारी शुरू हुई है. 

एसऐंडपी बैंकिंग इंडेक्स करीब 100 से अधिक अंकों की मजबूती के साथ 22,473.95 पर ट्रेड कर रहा है. फेडरल बैंक, एसबीआई, यस बैंक, पीएनबी, आईसीआईसीआई, बैंक ऑफ बड़ौदा और कोटक बैंक आधे फीसदी से लेकर एक फीसदी की मजबूती के साथ ट्रेड कर रहे हैं.

वहीं एक्सिस बैंक और इंडसइंड बैंक का शेयर मामूली दबाव में दिख रहा है. ब्याज दरों में की गई कटौती का असर दरों के लिहाज से संवेदनशील ऑटो सेक्टर पर दिखता है. 

हालांकि त्योहारी सीजन से पहले दरों में की गई कटौती का कोई खास असर ऑटो सेक्टर पर होता नहीं दिख रहा है. बीएसई ऑटो इंडेक्स फिलहाल दबाव में ट्रेड कर रहा है. ऑटो इंडेक्स 0.13 फीसदी की गिरावट के साथ काम कर रहा है. 

 15 जनवरी 2015 से 5 अप्रैल 2016 के बीच आरबीआई ने रेपो रेट में 150 आधार अंकों की कटौती की थी. बैंकिंग शेयरों में दबाव की वजह से सेंसेक्स में भी मामूली तेजी देखने को मिल रही है. 

बीएसई सेंसेक्स फिलहाल 0.15 फीसदी की तेजी के साथ 28,296.42 पर ट्रेड कर रहा है जबकि सोमवार को बाजार मौद्रिक नीति की समीक्षा बैठक से पहले करीब 400 अंक तक उछल गयाा था.

First published: 4 October 2016, 14:51 IST
 
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