Home » बिज़नेस » RBI : Over 23,000 cases of fraud involving a staggering Rs one trillion have been reported in the past five years
 

पिछले पांच साल में बैंकों में एक लाख करोड़ का फ्रॉड, सामने आये 23 हजार मामले

कैच ब्यूरो | Updated on: 2 May 2018, 17:49 IST

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) का कहना है कि बैंकों में पिछले पांच सालों में एक लाख करोड़ के धोखाधड़ी के 23,000 से ज्यादा मामले सामने आये हैं. आरबीआई ने एक आरटीआई के जवाब में कहा कि अप्रैल 2017 से 1 मार्च 2018 तक बैंकों में5,152 मामले दर्ज किए जबकि साल 2016-17 में  5,000 से ज्यादा धोखाधड़ी के मामले सामने आये.

आरबीआई ने कहा कि अप्रैल 2017 से 1 मार्च 2018 तक धोखाधड़ी के इन मामलों में 28,459 करोड़ रुपये की सबसे ज्यादा राशि शामिल है. 2016-17  में बैंकों ने 23,933 करोड़ रुपये के धोखाधड़ी के 5,076 मामले दर्ज किए थे.

2013 से 1 मार्च 2018 तक 100,000 रुपये से अधिक धोखाधड़ी के 23,866 मामले सामने आये.
भारतीय रिजर्व बैंक ने कहा कि 4,693 मामलों (18,698 करोड़ रुपये) और 4,639 मामलों (19,455 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले 2015-16 और 2014-15 में दर्ज किये गए. जबकि 2013-14 में, बैंकों ने धोखाधड़ी के 4,306 मामले दर्ज किए, जिसमें 10,170 करोड़ रुपये शामिल थे.

8,40,958 करोड़ पहुंचा एनपीए 

RBI का कहना है कि बैंकों  का एनपीए लगातार बढ़ रहा है. दिसबंर 2017 तक बैंकों का कुल एनपीए 8,40,958 करोड़ रुपए का था. इसमें सबसे ज्‍यादा एनपीए भारतीय स्‍टेट बैंक के हैं जो 2,01,560 करोड़ रुपए के हैं. जबकि PNB का Rs 55,200 करोड़ रुपए, IDBI Bank का 44,542 करोड़ रुपए का एनपीए है.

इसी तरह बैंक ऑफ इंडिया का NPAs 43,474 करोड़ रुपए, बैंक ऑफ बड़ौदा का 41,649 करोड़ रुपए, यूनियन बैंक का 38,047 करोड़ रुपए, कैनरा बैंक का 37,794 करोड़ रुपए, ICICI Bank का 33,849 करोड़ रुपए का एनपीए है.

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First published: 2 May 2018, 17:49 IST
 
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