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खुशखबरी : मुद्रा लोन की रकम में हो सकती है इतनी बढ़ोतरी, RBI पैनल ने की शिफारिश

कैच ब्यूरो | Updated on: 19 June 2019, 15:07 IST

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) की विशेषज्ञ समिति ने कोलेट्रल फ्री लोन (मुद्रा लोन) को दोगुना करने की सिफारिश की है, जिसे मौजूदा 10 लाख रुपये से 20 लाख करने की शिफारिश की गई है. मुद्रा योजना स्वयं सहायता समूहों और MSMEs के तहत आने वाले उधारकर्ताओं के लिए विस्तारित की जाएगी. यदि केंद्रीय बैंक सिफारिश को मंजूरी देता है, तो बैंकिंग नियामक को 1 जुलाई 2010 के परिपत्र में संशोधन करना होगा.

बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट के अनुसार प्रस्ताव आठ सदस्यीय आरबीआई समिति द्वारा तैयार की गई एक रिपोर्ट का हिस्सा है, जिसमें एमएसएमई क्षेत्र के लिए वर्तमान रूपरेखा की समीक्षा की गई है. भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड के अध्यक्ष यू के सिन्हा की अध्यक्षता वाले पैनल ने मंगलवार को अपनी रिपोर्ट पेश की, जिसे शुक्रवार को केंद्रीय बैंक द्वारा सार्वजनिक किए जाने की उम्मीद है.

समिति ने MSMEs के आर्थिक और वित्तीय स्थिरता के लिए विभिन्न दीर्घकालिक समाधान सुझाए हैं. पैनल की सिफारिशें ऐसे समय में आई हैं जब सरकार एमएसएमई की परिभाषा बदलने पर विचार कर रही है. प्रधान मंत्री मुद्रा योजना (PMMY) अप्रैल 2015 में प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई थी. ऋण गैर-कॉर्पोरेट, गैर-कृषि छोटे और सूक्ष्म उद्यमों को दिए जाते हैं. बैंकों और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों द्वारा कार्यशील पूंजी और अवधि के लिए ऋण दिया जाता है.

पीएमएमवाई वेबसाइट के अनुसार, 2018-19 में मुद्रा के तहत 3 लाख करोड़ के लगभग 6 करोड़ ऋण स्वीकृत किए गए. न्यूज़ वेबसाइट वायर की रिपोर्ट के अनुसार मुद्रा योजना का एनपीए (गैर निष्पादित परिसंपत्तियां यानी बैंकों का फंसा हुआ क़र्ज़) बढ़कर एक साल में दोगुना हो गया है. राज्यसभा में दिए एक लिखित जवाब में बताया था कि 31 मार्च 2018 तक में मुद्रा योजना के तहत सार्वजनिक बैंकों का एनपीए 7,277.31 करोड़ रुपये है.

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First published: 19 June 2019, 15:07 IST
 
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