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RBI का जवाब, नोटबंदी के 15 महीने बाद भी जारी है नोटों की गिनती

कैच ब्यूरो | Updated on: 11 February 2018, 14:53 IST

भारतीय रिजर्व बैंक का कहना है कि नोटबंदी के 15 महीने बाद भी 500 और 1000 रुपए के पुराने नोटों के सटीक आकंलन और प्रमाणिकता की जाँच अभी जारी है. उसका कहना है कि यह काम तेजी से किया जा रहा है इसलिए यह जानकारी प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही साझा की जा सकती है''. आरबीआई ने यह जवाब न्‍यूज एजेंसी पीटीआई को एक आरटीआई के जरिये दिया है.

स्‍क्रैप नोटों को लेकर आरबीआई ने कहा, 30 जून 2017 तक स्‍पेशिफाइड (स्‍क्रैप) बैंक नोट की अनुमानित वैल्‍यू 15.28 लाख करोड़ थी. यदि वेरिफिकेशन प्रॉसेस में कोई करेक्‍शन होता है तो इसमें बदलाव होगा. स्‍क्रैप नोटों की गिनती पूरी होने की समय-सीमा के बारे में पूछे जाने पर आरबीआई कहा, स्‍पेशिफाइड बैंक नोटों का प्रॉसेस काफी तेजी से किया जा रहा है.

आरटीआई के जवाब में रिजर्व बैंक ने कहा, नोटों की गिनती और उन्‍हें वेरिफाई करने में फिलहाल 59 सीवीपीएस (सॉफिस्टिकेटेड कंरसी वेरिफिकेशन एंड प्रोसेसिंग) मशीनें काम कर रही हैं.

इसमें कॉमर्शियल बैंकों के यहा उपलब्‍ध 8 सीवीपीएस मशीनों का भी इस्‍तेमाल किया जा रहा है. इसके अलावा 7 सीवीपीएस मशीन को आरबीआई के रिजनल ऑफिसेस में लीज पर लगाया गया है. हालांकि मशीनों के लोकेशन के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई.  

इससे पहले 30 अगस्‍त 2017 को जारी 2016-17 की अपनी सालाना रिपोर्ट में आरबीआई ने कहा था कि 99 फीसदी डिमोनेटाइज करंसी (15.28 लाख करोड़ रुपए) वापस बैंकिंग सिस्‍टम में आ चुकी है. 30 जून 2017 तक 15.44 लाख करोड़ में से केवल 16,050 करोड़ रुपए सिस्‍टम में वापस नहीं आए हैं. 

First published: 11 February 2018, 14:53 IST
 
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