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RBI कर सकता है रेपो रेट में कटौती, अर्थव्यवस्था को मिलेगी रफ़्तार, सस्ता होगा लोन

दीपक कुमार सिंह | Updated on: 25 July 2019, 16:12 IST

भारतीय अर्थव्यवस्था की धीमी रफ़्तार को गति देने के लिए RBI, रेपो रेट में कटौती कर सकता है. अगर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) रेपो रेट में कमी करती है तो यह लगातार चौथी कटौती होगी. सात अगस्त को रिजर्व बैंक के मौद्रिक नीति (मॉनिटरी पॉलिसी) की समीक्षा होने वाली है. हाल ही में आरबीआई ने रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट्स की कटौती थी जिसके बाद रेपो रेट 5.75 फीसदी है.

न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, अगली बैठक के बाद रेपो रेट को घटाकर 5.50 फीसदी किया जा सकता है. दरअसल जुलाई 17 से 24 के बीच एक मंथन पोल का आयोजन किया गया था इसमें 66 अर्थशास्त्री शामिल हुए थे. इनमें से 80 प्रतिशत का मानना है कि रिजर्व बैंक फिर से रेपो रेट में कटौती करेगा. देश की विकास दर कम रहने और महंगाई की वजह से अर्थव्यवस्था रफ्तार नहीं पकड़ रही है इसलिए रेट कटौती की प्रबल संभावना है.

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रेपो रेट में कटौती से अर्थव्यवस्था में रफ़्तार

रेपो रेट यानि जिस ब्याज दर पर रिज़र्व बैंक, अन्य बैंको (SBI, PNB, ICICI, HDFC,..ex) को पैसे देती है. अगर बैंक को कम ब्याज पर आरबीआई से फंड मिलेगा तो वे अपने ग्राहकों से भी कम ब्याज वसूलेंगे यानि लोन सस्ते हो जाएंगे. लोन सस्ते होने से ग्राहक नए कर्ज लेने के लिए आकर्षित होंगे इससे बैंकिंग सेक्टर रफ़्तार पकड़ेगी.

रेपो रेट में कटौती से अर्थव्यवस्था में पैसे का प्रवाह (कैश फ्लो) अधिक होगा जिससे देश की इकोनॉमी तेजी पकड़ेगी. हालांकि, रेपो रेट में लगातार तीन कटौती के बाद भी अर्थव्यवस्था रफ्तार नहीं पकड़ पा रही है. सालाना विकास दर का सरकारी अनुमान घटाकर 6.8 फीसदी कर दिया गया है. लेकिन, अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के मुताबिक, भारतीय अर्थव्यवस्था की रफ्तार 7 फीसदी रह सकती है.

First published: 25 July 2019, 16:12 IST
 
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