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RBI का खुलासा: इस वित्त में नहीं छपा एक भी 2000 का नोट, जानिए क्यों ?

कैच ब्यूरो | Updated on: 15 October 2019, 11:27 IST

भारतीय रिजर्व बैंक ने 2000 रुपये के नोटों की छपाई बंद कर दी है. भारतीय रिजर्व बैंक ने इस वित्तीय वर्ष में एक भी 2,000 रुपये का नोट को नहीं छापा है. द न्यू इंडियन एक्सप्रेस ने सोमवार को सूचना के अधिकार के जवाब का हवालादेते हुए ये खबर है. RBI ने कहा कि 2016- '17 के वित्तीय वर्ष के दौरान 2,000 रुपये के 3,542.991 मिलियन नोट छापे गए थे. यह अगले साल यह 111.507 मिलियन नोट तक कम हो गया.  2018-19 में बैंक ने 46.690 मिलियन नोट छापे.

आरबीआई का यह जवाब ऐसे समय में आया है जब राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने कहा है कि उच्च गुणवत्ता वाले नकली नोटों बढ़ रहे हैं. हिंदू की रिपोर्ट के अनुसार एनआईए के महानिरीक्षक आलोक मित्तल ने कहा पाकिस्तान में उच्च गुणवत्ता वाले नकली नोटों की छपाई हो रही है. दूसरी ओर बांग्लादेश कम गुणवत्ता वाले नकली नोटों के स्रोत के रूप में उभरा है. मार्च 2018 तक प्रचलन में 2,000 रुपये के 3,363 मिलियन नोट थे, जो कुल मुद्रा का 3.3% है. 2019 तक यह घटकर 3,291 मिलियन रह गया.


 

हालही में एक रिपोर्ट में कहा गया था कि 2,000 रुपये के नोटों की छपाई में काफी कमी आई है और 2,000 के नोटों की छपाई को न्यूनतम तक सीमित करने का निर्णय लिया गया है. यह कोई नई बात नहीं है.” विशेषज्ञों ने कहा कि कम मूल्य के 2,000 रुपये के नोटों को छापने के कदम को उच्च मूल्य वाली मुद्रा की जमाखोरी को रोकने और काले धन पर अंकुश लगाने के प्रयास के रूप में देखा जाता है. उच्च मूल्य के नोटों को प्रचलन से हटाने के कारण, बहुत सारे काले धन का लेन-देन करना मुश्किल हो जाता है.

जनवरी में आंध्र प्रदेश-तमिलनाडु सीमा से 2,000 रुपये के नोटों में 6 करोड़ रुपये की बेहिसाब नकदी जब्त की गई थी. सरकार ने जून में लोकसभा को सूचित किया था कि पिछले तीन वर्षों में नकली नोटों में 50 करोड़ रुपये से अधिक जब्त किए गए हैं. अगस्त में आरबीआई ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट में कहा था कि 2017-18 के वित्तीय वर्ष में बैंकिंग प्रणाली में नकली 2000 रुपये के नोटों में भारी वृद्धि पाई गई थी.

केंद्रीय बैंक ने कहा कि 2017-18 में 17,929 नकली 2000 रुपये के नोटों का पता लगाया, जबकि उसी मूल्यवर्ग के केवल 638 नकली नोटों का पता एक साल पहले चला था. 2,000 रुपये के नोट नवंबर 2016 में पेश किए गए थे जब नरेंद्र मोदी सरकार ने काले धन और नकली मुद्राओं पर अंकुश लगाने के प्रयास में 500 और 1,000 रुपये के नोटों को वापस लेने का फैसला किया था.

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First published: 15 October 2019, 11:11 IST
 
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