Home » बिज़नेस » RBI said More Indians going abroad for studies, but foreign students aren’t coming in
 

RBI के आंकड़ों से हुआ खुलासा: अब भारत पढ़ने नहीं आ रहे हैं विदेशी छात्र

कैच ब्यूरो | Updated on: 17 August 2018, 10:46 IST

हालांकि सरकार ने भारत में उच्च शिक्षा संस्थानों की गुणवत्ता में सुधार के प्रयासों को बढ़ावा देने की कोशिश की है अब भी अधिक से अधिक भारतीय छात्र विदेशों में अध्ययन करना पसंद कर रहे हैं. इस बीच भारत आने वाले विदेशी छात्रों की संख्या में कमी आई है.

भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) के अनुसार विदेशों में पढ़ रहे भारतीय छात्रों ने शिक्षण और छात्रावास शुल्क पर खर्च करते हुए 2013-14 में 1.9 बिलियन डॉलर से 44% बढ़कर 2017-18 में 2.8 अरब डॉलर खर्च किया है. जबकि भारत में विदेशी छात्रों के खर्च में गिरावट आई है. यह 2015-16 में 557 मिलियन डॉलर से 2017-18 में 479 मिलियन डॉलर हो गया.

 

2015-16 में भारतीय छात्रों द्वारा विदेशी शिक्षा खर्च पिछले वर्ष 2.47 अरब डॉलर से 20% घटकर 1.98 अरब डॉलर हो गया. विशेषज्ञों और सरकारी अधिकारियों ने दावा किया था कि भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) जैसे गुणवत्ता संस्थानों की बढ़ती संख्या, भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) और केंद्रीय विश्वविद्यालय, भारतीय छात्रों के पलायन को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते थे.

अब विदेशी शिक्षा व्यय में अनुक्रमिक वृद्धि से संकेत मिलता है कि शिक्षा के लिए अधिक भारतीय छात्र विदेश जा रहे हैं. छात्रों के अमेरिका, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया जैसे महत्वपूर्ण देशों में जाने की सांख्य में लगातार वृद्धि देखी गई है. उदाहरण के लिए अमेरिका में पढ़ रहे भारतीय छात्रों की संख्या 2014-15 में 132,888 से बढ़कर 2016-17 में 186,267 हो गई. इसी तरह ऑस्ट्रेलिया भी एक पसंदीदा गंतव्य रहा है. भारत में ऑस्ट्रेलिया के उप उच्चायुक्त रॉड हिल्टन ने पिछले हफ्ते कहा था कि उनके देश में 68,000 भारतीय छात्र रह रहे हैं.

हालांकि विदेशी छात्रों का प्रवाह घट रहा है. 1 जनवरी 2018 को मानव संसाधन विकास (एचआरडी) मंत्रालय ने लोकसभा को सूचित किया था कि 2016 में 37,947 के मुकाबले भारत ने 2017 में 36,887 छात्र वीजा दिए थे.
पिछले दो-तीन वर्षों से ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन, अमेरिका और कनाडा के कई विश्वविद्यालय भारत के छात्रों की भर्ती में बहुत सक्रिय हैं.

ये भी पढ़ें : पेट्रोल डीजल के दाम में मिली राहत, नहीं बढ़ाए गई कीमतें, जानिये आपके शहर का रेट

First published: 17 August 2018, 10:42 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी