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RCom के कर्जदारों ने अस्वीकार किया अनिल अंबानी का इस्तीफा

कैच ब्यूरो | Updated on: 25 November 2019, 14:31 IST

रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCom) के कर्जदारों की समिति (CoC) ने अनिल अंबानी सहित कंपनी के निदेशकों के इस्तीफे को अस्वीकार कर दिया है. सीओसी ने उन्हें कॉरपोरेट इनसॉल्वेंसी रिज़ॉल्यूशन प्रक्रिया (CIRP) के माध्यम से सहयोग लिए कहा है. रविवार को एक एक्सचेंज फाइलिंग में कहा “आरकॉम के निदेशकों को यह सूचित किया जा रहा है कि उनके इस्तीफे को स्वीकार नहीं किया गया है और उन्हें सलाह दी जाती है कि वे अपने कर्तव्यों और जिम्मेदारियों को आरकॉम के निदेशकों के रूप में जारी रखें और कॉर्पोरेट दिवाला समाधान में रिज़ॉल्यूशन प्रोफेशनल (आरपी) को सभी सहयोग प्रदान करें''.

20 नवंबर को अपनी बैठक में सीओसी को इस्तीफे से अवगत कराया गया और सर्वसम्मति से खारिज कर दिया गया. इस महीने की शुरुआत में अनिल अंबानी, छाया वीरानी, रीना करणी, मंजरी काकर, और सुरेश रंगाचर ने निर्देशक के रूप में इस्तीफा दे दिया था. मणिकंतन वी, जो मुख्य वित्तीय अधिकारी और निदेशक थे, ने भी इस्तीफा दे दिया था.

आरकॉम CIRP और रिज़ॉल्यूशन प्रोफेशनल अनीश नानावती के अधीन है और व्यवसायों और परिसंपत्तियों का प्रबंधन कर रहा है. नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) ने हाल ही में CIRP की अवधि बढ़ाई है, जिसे अगले साल 10 जनवरी तक समाप्त होना है. आरकॉम को पिछली तिमाही में 338 करोड़ रुपये का घाटा और पिछले वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में 1,295 करोड़ रुपये का लाभ हुआ था.

आरकॉम ने संपत्ति बेचने की बात कही थी, जिसमें 122 मेगाहर्ट्ज की स्पेक्ट्रम होल्डिंग, लगभग 14,000 करोड़ रुपये होने का अनुमान है. इसी तरह टावरों का कारोबार 7,000 करोड़ रुपये का है. 3,000 करोड़ रुपये का एक ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क और 4,000 करोड़ रुपये के डेटा केंद्र भी इसमें शामिल है.

आरकॉम ने जुलाई-सितंबर तिमाही में 30,142 करोड़ रुपए का घाटा हुआ था. आरकॉम को एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद एजीआर के रूप में 28,314 करोड़ रुपए की प्रोविजनिंग करने की वजह से बड़ा नुकसान हुआ.

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First published: 25 November 2019, 14:29 IST
 
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