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इस दिग्गज रियल एस्टेट टाइकून ने भी छोड़ा देश, ली टैक्स हेवन देश की नागरिकता

कैच ब्यूरो | Updated on: 23 April 2018, 16:36 IST

रियल एस्टेट टाइकून और 'हीरानंदानी ग्रुप' के सह-संस्थापक सुरेंद्र हिरानंदानी ने भारतीय नागरिकता छोड़कर द्वीप पर बसे देश साइप्रस की नागरिक लेने का फैसला किया है. एक रिपोर्ट के अनुसार 63 वर्षीय हीरानंदानी ने बड़े भाई निरंजन के साथ देश की सबसे बड़ी रियल एस्टेट कंपनियों में से एक हीरानंदानी ग्रुप को खड़ा किया.

सुरेंद्र हीरानंदानी का नाम अब उन भारतीय डॉलर करोड़पतियों में शामिल हो गया है जो यूरोप और कैरीबियाई द्वीपों में बसे टैक्स हेवन देशों की नागरिकता लेते रहे हैं. हीरानंदानी ने भारतीय नागरिकता को छोड़ने की पुष्टि की है, उन्होंने मुंबई मिरर अख़बार को बताया कि जब उन्होंने ऐसा निर्णय लिया तो टैक्स उनके दिमाग में आखिरी बात थी.

हीरानंदानी ने कहा कि भारतीय पासपोर्ट पर वर्कवीजा मिलने में बड़ी दिक्कत है. यही उनके देश छोड़ने का पहला कारण है. मुझे टैक्स रेट्स और ऐसी अन्य चीजों से बिल्कुल कोई समस्या नहीं है.

हीरानंदानी ने कहा, मेरे बेटे हर्ष भारतीय नागरिक बने रहेंगे और वह भारत में हमारी कंपनी का कारोबार संभालेंगे. फोर्ब्स के अनुसार सुरेंद्र हिरानंदानी की कुल सम्पति 1.29 बिलियन डॉलर है और वह 100 सबसे अमीर भारतीयों में से शामिल हैं.

हाल ही में फाइनांशियल सर्विसेज फर्म मॉर्गन स्टेनली ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि 2014 से लेकर अब तक करीब 23000 भारतीय अमीर (1 मिलियन डॉलर से अधिक की शुद्ध संपत्तियों के साथ) भारत की नागरिकता छोड़ चुके हैं. जिसमें 7,000 ने अकेले 2017 में देश छोड़ा. इस अध्ययन में यह भी कहा गया है कि ये करोड़पतियों की आबादी का 2.1 फीसदी है.

लगातार देश छोड़ रहे अरबपतियों के आंकड़ों ने सरकार की नींद उड़ा दी है. सरकार को लग रहा है कि अगर देश से ऐसे ही अमीर बाहर जाते रहे तो इससे बड़ा टैक्स संकट पैदा हो जायेगा. सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज (सीबीडीटी) ने नीरव मोदी और विजय माल्या जैसे देश से भागने वाले अरबपतियों के मामलों का अध्ययन करने के लिए एक पांच सदस्यीय समिति बनाई है.

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First published: 23 April 2018, 16:34 IST
 
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