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जियो को टक्करः रिलायंस कम्यूनिकेशन और एयरसेल हुए एक, बनेंगे तीसरे सबसे बड़े सर्विस प्रोवाइडर

कैच ब्यूरो | Updated on: 15 September 2016, 11:44 IST

मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाली जियो को टक्कर देने के लिए छोटे भाई अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस कम्यूनिकेशन (आरकॉम) और एयरसेल ने आपस में हाथ मिला लिया है. इस विलय के बाद दोनों कंपनियों की कुल संपत्ति करीब 65 हजार करोड़ रुपये हो जाएगी. 

उपभोक्ताओं की संख्या के हिसाब से यह देश में तीसरी सबसे बड़ी मोबाइल सर्विस प्रोवाइडर बन जाएगी. इसे देश में दूरसंचार क्षेत्र का अब तक का सबसे बड़ा सौदा माना जा रहा है.

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रिलायंस जियो की लॉन्चिंग के एक पखवाड़े के भीतर हुए इस विलय से आरकॉम के मौजूदा 9.87 करोड़ यूजर्स और एयरसेल के 8.8 करोड़ यूजर्स मिल जाएंगे और यह संयुक्तरूप से तीसरी सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी बन जाएगी.

फिलहाल उपभोक्ताओं की संख्या के हिसाब से भारतीय बाजार में पहले पायदान पर एयरटेल, दूसरे पर वोडाफोन, तीसरे पर आइडिया, चौथे पर आरकॉम और आठवें पर एयरसेल  है.

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मलयेशिया की मैक्सिस कम्यूनिकेशंस के साथ जुड़कर आरकॉम की संयुक्त सेवाएं उपभोक्ताओं को बेहतर 3जी और 4जी सेवाएं मुहैया करा सकेंगी. 

प्राप्त जानकारी के मुताबिक इन दोनों के विलय से बनने वाली नई कंपनी में दोनों का आधा-आधा योगदान होगा और कंपनी के बोर्ड में भी दोनों बराबर के हिस्सेदार होंगे. बताया जा रहा है कि यह नई कंपनी 850, 900, 1800 और 2,100 मेगाहर्ट्ज बैंड में दूसरा सबसे बड़ा स्पेक्ट्रम होगी.

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आधिकारिक सूत्रों की मानें तो नई कंपनी का नाम मर्डेको होगा. 2017 तक दोनों के बीच का सौदा पूरा हो सकेगा. 

यूजर्स को फायदा

जाहिर है रिलायंस जियो के बाद मोबाइल सर्विस प्रोवाइडर्स के बीच प्राइस वार छिड़ चुका है. आरकॉम और एयरसेल का मर्जर भी इस दिशा में ही एक प्रयास है. इन दोनों नई कंपनियों के टेलीकॉम बाजार में आने टॉप की तीन कंपनियों (एयरटेल, वोडाफोन, आइडिया) के तकरीबन एक जैसे ही डाटा-कॉल प्लान का एकाधिकार टूटेगा और ग्राहकों को सस्ती दरों पर कॉलिंग-इंटरनेट मिल सकेगा.

First published: 15 September 2016, 11:44 IST
 
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