Home » बिज़नेस » Reliance has complained that BPCL and HPCL were creating entry barriers to their pipelines feeding the Mumbai airport
 

एयरपोर्ट के अंदर जेट ईंधन को लेकर भिड़ी रिलायंस इंडस्ट्रीज और सरकारी तेल कंपनियां

कैच ब्यूरो | Updated on: 26 June 2018, 11:54 IST

भारत की सबसे बड़ी निजी तेल कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड और राज्य संचालित तेल रिफाइनर-खुदरा विक्रेताओं के बीच जेट ईंधन बेचने को लेकर ऐसे वक्त पर झगड़ा बढ़ गया है, जब माना जा रहा है कि भारत 2020 तक दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा विमानन बाजार बन जायेगा.

टाइम्स ऑफ़ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार इन कंपनियों के बीच ताजा झगड़ा मुंबई एयरपोर्ट के अंदर ईंधन बेचने से जुड़ा हुआ है. रिलायंस ने अधिकारियों और नियामकों से शिकायत की है कि भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम अन्य जेट ईंधन विक्रेताओं द्वारा उनकी पाइपलाइन के की प्रवेश में बाधाएं पैदा की जा रही हैं.

अब इससे निपटने के लिए पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड ने इस पर सार्वजनिक टिप्पणियों को आमंत्रित किया है. गौरतलब है कि देशभर में जेट ईधन खपत में मुंबई का 20% से अधिक का योगदान है. हवाई अड्डे के अंदर और बाहर दो अलग पाइपलाइनों के माध्यम आयल की सप्लाई की जाती है.

बेहद उत्साह था गौरतलब है कि निजी कंपनियों में इस बात को लेकर के बीच उत्साह था कि उन्हें एयरपोर्ट के अंदर तेल बेचने की पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड (पीएनजीआरबी) ने अनुमति दी है.

ये भी पढ़ें : इस्लामिक डेवलपमेंट बैंक के पैसे से चमकेगा भारत का इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर ?

First published: 26 June 2018, 11:47 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी